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बरियासनपुर में 78 साल बाद भी अंधेरे में विकास: सड़क पर लाइट न होने से सुरक्षा पर सवाल

वाराणसी । के चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित चिरईगांव ब्लॉक का बरियासनपुर गांव विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई को उजागर करता है। आज़ादी के 78 साल बाद भी यह गांव सड़क पर बुनियादी रोशनी जैसी सुविधा से वंचित है। जिस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते

बरियासनपुर में 78 साल बाद भी अंधेरे में विकास: सड़क पर लाइट न होने से सुरक्षा पर सवाल

वाराणसी । के चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित चिरईगांव ब्लॉक का बरियासनपुर गांव विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई को उजागर करता है। आज़ादी के 78 साल बाद भी यह गांव सड़क पर बुनियादी रोशनी जैसी सुविधा से वंचित है। जिस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं, वहीं चिरईगांव पुलिस चौकी, एक इंग्लिश मीडियम स्कूल, प्राइमरी विद्यालय और सरकारी पशु चिकित्सा केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं, फिर भी पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है। शाम होते ही यह इलाका असुरक्षा और भय का पर्याय बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम उठाया। सबसे बड़ा सवाल गांव के प्रधान की कार्यशैली पर उठ रहा है—क्या विकास

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