वाराणसी। बरसात से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रमरेपुर (वार्ड 59), लालपुर मीरापुर बसही (वार्ड 56) और अकथा (वार्ड 41) क्षेत्रों का सघन निरीक्षण कर जल निकासी और सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान नालों की बदहाल स्थिति और बड़े पैमाने पर अतिक्रमण सामने आने पर महापौर ने ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नालों का सीमांकन किया जाएगा, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने और सफाई की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निरीक्षण की शुरुआत रमरेपुर वार्ड के काली मंदिर से भक्ति नगर रोड स्थित नाले से हुई, जो शांतिपुरम कॉलोनी होते हुए वरुणा नदी में गिरता है। इसके बाद टीम अकथा वार्ड के नरोखर नाले पर पहुंची, जहां अशोक इंस्टीट्यूट के पास नाले की स्थिति अत्यंत खराब मिली। नाला गंदगी से भरा था और किनारों पर व्यापक अतिक्रमण पाया गया।
वहीं लालपुर मीरापुर बसही के ऐढे ग्राम स्थित काजी हाउस के निरीक्षण के दौरान भी गंभीर खामियां उजागर हुईं। यहां स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली और पशुपालन व बाउंड्री निर्माण कार्यों में लापरवाही सामने आई। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए और नगर आयुक्त को संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा।
महापौर ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना है, ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि जल निकासी में बाधा डालने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान पार्षद अशोक मौर्य, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









