वाराणसी में 258 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त, प्रधानों को किया गया सम्मानित

रजत रंग की गांधीजी की प्रतिमा एवं सर्टीफिकेट तथा ब्रांज रंग की गांधीजी की प्रतिमा एवं सर्टीफिकेट देकर प्रधानों को किया गया सम्मानित
वर्ष 2023 में घोषित 46 ग्राम पंचायतों में से 20 ग्राम पंचायत वर्ष 2024 में भी टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित

वाराणसी: राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग और पंचायतीराज विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इस क्रम में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एस राजलिंगम की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने 258 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत होने की घोषणा की और प्रधानों को सम्मानित भी किया. उन्होंने लगातार दूसरे वर्ष टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने वाली 20 ग्राम पंचायतों को (रजत रंग) के साथ-साथ ग्राम प्रधान संघ वाराणसी के अध्यक्ष के ग्राम पंचायत भीष्मपुर, सेवापुरी को (ब्रांज रंग), महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं सर्टीफिकेट देकर कुल 21 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग एवं प्रधानों की कड़ी मेहनत और संकल्प से संभव हुआ है। टीबी का इलाज संभव है. सही समय पर इसका उपचार करवाया जाये और समय से दवाइयों का सेवन किया जाये तो क्षय रोगी आसानी से स्वस्थ हो सकते हैं.

मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के दृष्टिगत ग्राम प्रधानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों का यह प्रयास प्रशंसनीय है तथा उन्हें अपने ग्राम पंचायत की मासिक बैठक में भी टीबी के बारे में चर्चा करनी चाहिए ताकि लोगों का जो सोशल स्टिग्मा है वह दूर हो सके, अब हम लोग संचारी रोग मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में भी प्रयास करेंगे.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत हेतु शासन से जो मानक निर्धारित किए गए हैं उनके अनुसार ग्राम पंचायत में प्रति 1000 की आबादी पर कम से कम 30 सैंपल का टेस्ट तथा एक से कम एक्टिव मरीज होना चाहिए, जो भी मरीज हैं उनका यूडीएसटी तथा उपचार सफलता दर 85 फीसदी से अधिक होना चाहिए, मरीज को निक्षय पोषण योजना के तहत लाभ मिला हो एवं मरीज निक्षय मित्र से लिंक होते हुए पोषण पोटली प्राप्त किया हो. इन्हीं मानकों को ध्यान में रखकर उनका क्रॉस वेरीफिकेशन करने के बाद ही टीबी मुक्त पंचायत घोषित की जाती हैं.

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जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. पीयूष राय ने बताया कि जिले में कुल 694 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 46 ग्राम पंचायतें वर्ष 2023 में ही टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। वर्ष 2024 में 264 ग्राम पंचायतों ने इस दिशा में अपने कदम बढ़ाये थे। सत्यापन के बाद 258 ग्राम पंचायतें अर्ह पाई गई. उक्त के क्रम में जिलाधिकारी महोदय द्वारा 20 ग्राम पंचायतें, जो लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित हुई हैं उन्हें रजत रंग की गांधीजी की प्रतिमा और सर्टीफिकेट देकर सम्मानित किया गया.

डॉ. राय ने बताया कि तीन साल तक इन ग्राम पंचायतों पर नजर रखी जाएगी. लगातार दूसरे साल टीबी से मुक्त रहने पर ग्राम प्रधानों को सिल्वर रंग की तथा तीन साल तक लगातार टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने पर सम्बंधित ग्राम प्रधान को स्वर्ण रंग की महात्मा गाँधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जायेगा. वर्ष 2023 में इन घोषित 46 ग्राम पंचायतों में से 20 वर्ष 2024 में भी टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित की जा चुकी हैं.

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