वाराणसी। राजातालाब तहसील के ग्राम सभा अदमापुर महनाग के निवासी समाजसेवी सुबेदार यादव अपने 80 वर्षीय बुजुर्ग माता-पिता के साथ आयुष्मान कार्ड में संशोधन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, भेलूपुर पहुंचे। सुबेदार यादव ने बताया कि उनकी माता सोमारी देवी की आंख में गंभीर समस्या है और बाईं आंख से दिखाई देना लगभग बंद हो गया है।
डॉक्टरों के अनुसार रेटिना में खून जमने के कारण इंजेक्शन और लेजर उपचार जरूरी है, जिसकी लागत करीब 20 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन बताई गई है और दो इंजेक्शन लगने हैं।सुबेदार यादव का कहना है कि जब उन्होंने आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने की बात कही तो अस्पताल की ओर से बताया गया कि इस योजना में केवल मोतियाबिंद जैसे कुछ सीमित ऑपरेशन ही शामिल हैं, जबकि रेटिना से जुड़े इलाज इसमें कवर नहीं होते।
ऐसे में आयुष्मान कार्ड बनने के बावजूद बुजुर्गों को महंगा इलाज खुद कराना पड़ता है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय में जमा कराते हुए आयुष्मान योजना में संशोधन की मांग की है, ताकि बुजुर्गों की आंखों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज भी इस योजना के तहत हो सके। सुबेदार यादव का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे को उठाने के लिए संसद भवन नई दिल्ली भी जाएंगे, क्योंकि यह समस्या देश के लाखों बुजुर्गों से जुड़ी हुई है।








