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गणेश चतुर्थी: बच्चों के लिए बप्पा के प्यारे नामों का चयन

Ganesh ji

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हर साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और पूरे भारत में इसकी धूम देखने को मिलती है। अगर इस खास मौके पर आपके घर में नन्हा मेहमान आया है, तो आप उसके लिए भगवान गणेश के प्यारे नामों का चयन कर सकते हैं।

गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश, जो बुद्धि और समृद्धि के देवता माने जाते हैं, को समर्पित है। इस दिन भक्त ganesh sthapana mantra के साथ उनकी मूर्ति घर में स्थापित करते हैं और सच्चे मन से ganesh puja mantra के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 7 सितंबर को मनाई जाएगी, और भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है।

लड़कों के लिए गणेश जी के खूबसूरत नाम

गणेश जी के नामों की एक लंबी सूची है, लेकिन यहाँ कुछ खास नाम दिए जा रहे हैं जो आपके बेटे के लिए सही हो सकते हैं:

  • विनायक: यह नाम बप्पा का सबसे लोकप्रिय नामों में से एक है। आपके बेटे का नाम विनायक रखना बहुत अच्छा रहेगा।
  • अथर्व: भगवान गणेश को अथर्व भी कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है ‘ज्ञान और बुद्धि का देवता’।
  • सिद्धेश: यह नाम सुनने में बहुत प्यारा है और इसे अपने बच्चे के लिए चुन सकते हैं।
  • शुबन: शुबन का अर्थ होता है शुभ और प्रतिभाशाली। यह नाम आधुनिक भी लगता है।
  • अवनीश: इस नाम का अर्थ है – शासक या राज करने वाला, जो गणेश जी से जुड़ा हुआ है।
  • सुमुख: यह भी भगवान गणेश का नाम है, जिसका अर्थ है अच्छा दोस्त।
  • सुप्रदीप: आप अपने बेटे के लिए गणेश जी का सुप्रदीप नाम चुन सकते हैं, जिसका अर्थ है – प्रकाश, चमक, दीपक और प्रतिभाशाली।
  • प्रथम: गणेश जी को प्रथम भी कहा जाता है। इसलिए यह नाम आपके बेटे के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

गणेश चतुर्थी पर बप्पा के इन प्यारे नामों का चयन करके आप अपने बच्चे को एक अनमोल उपहार दे सकते हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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