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बलिया : महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर बलिया में चला मिशन शक्ति अभियान

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बलिया : महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए जनपद बलिया में “मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0” चलाया जा रहा है। यह अभियान पुलिस अधीक्षक बलिया श्री ओमवीर सिंह के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत महिला बीट आरक्षी, एंटी रोमियो टीम और अन्य पुलिस अधिकारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। पुलिस टीम ने चौराहों, बाजारों, कस्बों, मंदिरों, शॉपिंग मॉल, स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थान, रेलवे स्टेशन, रोडवेज, भीड़भाड़ वाले स्थानों और गांवों में जाकर महिलाओं, बालिकाओं और छात्राओं को जागरूक किया।

इस दौरान महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान योजना, वन स्टॉप सेंटर, सुरक्षित मातृत्व सुमन योजना, महिला ई-हाट योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।

पुलिस ने बाल विवाह, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट और महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनों की जानकारी दी और बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस क्या कार्रवाई करती है। छोटे बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में समझाया गया और किसी भी परेशानी की जानकारी तुरंत अपने अभिभावक या पुलिस को देने की सलाह दी गई।

इसके साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर अपराधों और डिजिटल ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करने की जानकारी दी गई। लोगों को पासवर्ड सुरक्षित रखने, निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करने, अनजान वीडियो कॉल न उठाने और फ्री वाई-फाई के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई।

अंत में पुलिस द्वारा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें 1090 महिला पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस सेवा, 108 एंबुलेंस, 1098 चाइल्ड लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आदि शामिल हैं।

इस अभियान के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

बलिया रिपोर्टर : संजय सिंह

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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