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बरेका के दो अधिकारी एवं चौदह कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

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सम्मान, स्मृतियाँ और सेवाभाव से भरा विदाई समारोह

बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में आज दिनांक 31 जनवरी 2026 को आयोजित एक गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह में बरेका परिवार ने अपने दो अधिकारियों एवं चौदह कर्मचारियों को ससम्मान सेवा-निवृत्ति की शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।


इस अवसर पर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों में सहायक कार्य प्रबंधक श्री मनोज कुमार राय, सहायक वित्त सलाहकार श्रीमती रीता विश्वास, मुख्य नर्सिंग सुपरीटेंडेंट श्रीमती कुसुम लता, श्रीमती अंजना टोड एवं श्रीमती पूर्णिमा कुमारी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्री मिलन कांति मिस्त्री, श्री अजीत कुमार सिंह एवं श्री के.सी. पाण्डेय, वरिष्ठ लेखा सहायक श्री संजय श्रीवास्तव, मुख्य कार्यालय अधीक्षक श्री रमेश बटवाल एवं श्री जितेंद्र कुमार सिंह, तकनीशियन श्री कुलदीप प्रसाद ताँती, हेड कांस्टेबल श्री मधुसूदन मिश्रा, मोटर ड्राइवर श्री रविशंकर पाण्डेय, सहायक श्री शंभू साव तथा हाउसकीपिंग सहायक श्री जगदीश यादव शामिल रहे।


विदाई समारोह को संबोधित करते हुए उप प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री समीर पॉल ने कहा, आप सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बरेका परिवार की अमूल्य धरोहर हैं। अपने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण से आपने न केवल बरेका बल्कि भारतीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आपकी सेवाएँ और कार्यसंस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।


समारोह के अंत में प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी ने सभी सेवानिवृत्तजनों के स्वस्थ, सुखद एवं शांतिपूर्ण भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहकर्मियों ने तालियों और आत्मीय शुभकामनाओं के साथ सभी को विदा किया।

इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी श्री राम प्रवेश यादव, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप कुमार यादव, सदस्य श्री नवीन कुमार सिन्हा, सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सुसंयोजित एवं गरिमामय संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन जनसंपर्क अधिकारी श्री राजेश कुमार द्वारा किया गया।

राजेश कुमार
जनसंपर्क अधिकारी
बनारस रेल इंजन कारखाना, वाराणसी

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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