बलिया के विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने आज अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों में गंदगी, पुरानी फाइलों का ढेर और कुछ कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आई। इस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई और व्यवस्था सुधारने के लिए कई निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि सभी विभागों में अलमारियों और फाइलों को व्यवस्थित किया जाए। हर अलमारी पर नंबर लिखा जाए और यह भी बताया जाए कि वह किसकी है और उसमें कौन-सी फाइलें रखी हैं। फाइलों की सफाई कराने और पुराने बक्सों को हटाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने सभी कर्मचारियों की मेज पर नाम की पट्टिका लगाने और उस पर उनके काम का विवरण लिखने को कहा, ताकि कार्यालय आने वाले लोगों को सही जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) रमेश कुमार अनुपस्थित पाए गए। वहीं लापरवाही पर डीओ पीआरडी का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
आरईडी कार्यालय में प्रधान सहायक के बैठने के लिए कुर्सी न होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई और तुरंत कुर्सी-मेज की व्यवस्था करने को कहा।

सीडीओ ने विकास भवन की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कई कमरों के बाहर की गंदगी साफ कराने, दीवारों पर पेंट कराने, पंखों की सफाई, बेकार कागज नष्ट करने और खराब कंप्यूटर हटाने के निर्देश दिए।
विकास भवन के शौचालय गंदे पाए गए। इस पर तत्काल सफाई, टूटे पाइप बदलने, यूरिनल ठीक कराने और पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। महिला शौचालय की सफाई और आरओ की सर्विस कराने को भी कहा गया।

सीडीओ ने बेकार पड़े सामान की सूची बनाकर नीलामी कराने और अस्थायी कमरों को खाली कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालयों में साइन बोर्ड और नाम पट्ट लगाने को कहा, ताकि लोगों को सही कार्यालय पहचानने में आसानी हो।

कुछ कमरों में रोशनी कम पाई गई, जिसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए। भवन के पिछले गेट पर रखे पुराने बक्से और अलमारियां हटाने और बाहर की गंदगी साफ कराने की जिम्मेदारी भी तय की गई।

सीडीओ ने साफ कहा कि सोमवार को फिर से औचक निरीक्षण किया जाएगा। 13 फरवरी 2026 को विकास भवन का बड़ा निरीक्षण होगा। अगर तब भी लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










