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वाराणसी: हाईकोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद शौचालय व बाउंड्रीवाल तोड़ने का आरोप, ग्रामीणों का जोरदार विरोध

वाराणसी। कोटवां में हाईकोर्ट से स्टे आदेश होने के बावजूद राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा शौचालय और बाउंड्रीवाल तोड़े जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस कार्रवाई को लेकर गांव में भारी आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

ग्रामीण अख्तर रसूल ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई पैसे के दम पर की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित मामला उच्च न्यायालय में रिविजन के रूप में दाखिल है और हाईकोर्ट से प्राप्त स्टे आदेश प्रशासन को दिखाया गया, इसके बावजूद राजस्व और पुलिस विभाग ने उसे मानने से इनकार कर दिया। आरोप है कि सैकड़ों मजदूर लगाकर मकसूद आलम सहित अन्य लोगों की बाउंड्रीवाल, शौचालय और स्नानघर को जबरन ध्वस्त कर दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, बल्कि उनके चाचा गुलजार के घर के सामने बने शौचालय और बाउंड्रीवाल को भी गिरा दिया गया, जबकि उनका नाम आदेश में शामिल ही नहीं था। इस दौरान विरोध कर रहीं महिलाओं ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि अधिकारियों ने कथित रूप से पैसा लेकर उनकी बाउंड्रीवाल और शौचालय को गिराया है।

प्रभावित महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फर्जी और गलत आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

प्रभावित पक्ष ने न्याय के लिए उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है।

रिपोर्ट- अशोक कुमार गुप्ता

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