मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के चिल्ह थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजेहरा में कथित लाखों रुपये के घोटाले की जांच के लिए डेढ़ महीने में तीसरी बार जांच टीम पहुंची।
जांच टीम को सुबह 10:00 बजे पहुंचना था, लेकिन वह निर्धारित समय से लगभग एक घंटे देरी से मौके पर पहुंची। इस दौरान गांव में भारी भीड़ एकत्र रही और दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। स्थिति तनावपूर्ण होने पर टेढ़वा चौकी इंचार्ज रामकिशोर व चिल्ह थाने से उपनिरीक्षक कुर्बान अली पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
जांच कमेटी में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी बी.एस. राठौर, जल निगम के सहायक अभियंता श्याम बचन और युवा कल्याण अधिकारी दिनेश कुमार शामिल थे। मौके पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चंदन गुप्ता, ग्राम प्रधान अनीता सिंह तथा शिकायतकर्ता योगेश दुबे, सोहन सिंह और मोहन सिंह भी उपस्थित रहे।
बताया गया कि 38 बिंदुओं पर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। ग्राम विकास अधिकारी चंदन गुप्ता ने जांच टीम को बताया कि सभी 38 बिंदुओं से संबंधित फाइलें उपलब्ध हैं और किसी भी बिंदु पर जांच की जा सकती है। इस पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी बी.एस. राठौर ने शिकायतकर्ताओं से कहा कि वे किसी भी पांच बिंदुओं पर जांच शुरू करा सकते हैं।
इसी दौरान नाली, खड़ंजा, स्ट्रीट लाइट और सोखता गड्ढा जैसे कार्यों में अनियमितता को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में विवाद और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी मनोज सिंह को मौके पर बुलाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी पक्ष के योगेश दुबे को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। समाचार लिखे जाने तक जांच कार्य बाधित रहा। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई थी और पुलिस बल तैनात रहा।
अब देखना होगा कि मुजेहरा ग्राम पंचायत में कथित घोटाले की जांच कब पूरी होती है और दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।








