गाजीपुर – हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली पुलिस ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को धर्मदेव सिंह यादव निवासी बारहबंगला ने अपने 34 वर्षीय पुत्र मनोहर सिंह यादव के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में मु0अ0सं0 92/2026 के तहत जांच शुरू की गई।जांच के दौरान एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी से एक शव बरामद हुआ जिसकी पहचान मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई। साक्ष्यों के आधार पर अपहरण की धारा में दर्ज मुकदमे को हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में तरमीम किया गया। पुलिस ने ग्राम मेदनीपुर थाना सुहवल निवासी परीक्षित सिंह (26) और उसकी बहन दीपा सिंह (30) को नामजद करते हुए 14 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में अभियुक्त परीक्षित ने बताया कि उसकी बहन दीपा, जो भारतीय स्टेट बैंक की मऊ शाखा में कार्यरत है
और मृतक मनोहर कॉलेज के समय से परिचित थे। लगभग एक वर्ष पहले मनोहर ने दीपा से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। आरोप है कि वह पैसे मांगने पर बदनाम करने की धमकी देता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।9 फरवरी की रात मनोहर दीपा से मिलने आया। दोनों उसे सुहवल की ओर गंगा पुल के नीचे ले गए, जहां पैसे को लेकर विवाद हुआ
गुस्से में आकर दोनों ने मिलकर मनोहर की गला दबाकर हत्या कर दी और शव नदी में फेंक दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए बाइक की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाई और हेलमेट, चाबी व मोबाइल नदी में फेंक दिए।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।










