मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु वित्तमान (स्केल ऑफ फाइनेंस) के निर्धारण के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सदस्य सचिव डॉ. अवधेश कुमार यादव (जिला कृषि अधिकारी) ने अवगत कराया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कृषि विभाग के अलावा उद्यान, पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम विभाग से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिला स्तरीय तकनीकी समिति के अनुमोदन के उपरांत निर्धारित वित्तमान का उपयोग शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति, प्रीमियम निर्धारण तथा कृषकों के किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा तय करने में किया जाएगा।
बैठक में कृषि विभाग की 15 फसलों, उद्यान विभाग की 6 औद्यानिक फसलों, पशुपालन विभाग के अंतर्गत बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं दुग्ध उत्पादन, रेशम उत्पादन तथा मत्स्य पालन में आने वाले व्यय एवं संबंधित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा प्रस्तावित वित्तमान का अनुमोदन किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में बकरी पालन, भेड़ पालन एवं सुअर पालन की व्यापक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में कृषकों को नियमित रूप से योजनाओं की जानकारी देकर प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद के किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ विविधीकृत कृषि गतिविधियों जैसे रेशम पालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन तथा राजगढ़ क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट एवं खजूर की खेती पर भी जोर दें। इससे लागत कम और आय अधिक होने की संभावना है।
बैठक में उप कृषि निदेशक विकेश पटेल, जिला प्रबंधक नाबार्ड, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सहायक निदेशक रेशम, जिला उद्यान अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, तेजेन्द्र सिंह, डॉ. कुँवर सत्येन्द्र सिंह (अपर जिला कृषि अधिकारी) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








