वाराणसी। आशीष जैन, मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी रेल मंडल ने सहायक यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एंड वैगन) ओजस श्रीवास्तव के साथ बनारस कोचिंग डिपो का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनुरक्षित होने वाली गाड़ियों के वातानुकूलित कोचों, पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, डीजल जनरेटर संयंत्र, एच-टाइप कपलिंग, हाइड्रोलिक ब्रेकिंग प्रणाली एवं अग्निशमन प्रणाली की विस्तृत जांच की। निरीक्षण के समय विद्युत एवं यांत्रिक विभाग के वरिष्ठ पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंडल रेल प्रबंधक ने विशेष रूप से एलएचबी ईओजी/एचओजी प्रकार के एसी कोचों के स्विच बोर्ड कैबिनेट (SBC) और एकीकृत विद्युत वितरण पैनल का निरीक्षण किया, जो एयर कंडीशनिंग, प्रकाश व्यवस्था, पैंट्री और स्वच्छता प्रणालियों को विद्युत आपूर्ति नियंत्रित करते हैं।
इसके बाद उन्होंने FDSS (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) का निरीक्षण किया, जो आग का स्वतः पता लगाकर उसे सक्रिय रूप से नियंत्रित करने में सक्षम है। यह प्रणाली पेंट्री एवं पावर कार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है।
इसी क्रम में LHB कोच के स्वचालित AAR टाइप H टाइटलॉक सेंटर बफर कपलर (CBC) सिस्टम का भी निरीक्षण किया गया। यह प्रणाली बिना मैनुअल हस्तक्षेप के कोचों को जोड़ती है और एंटी-क्लाइम्बिंग विशेषताओं के माध्यम से सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है।
निरीक्षण के अंत में एलएचबी कोचों की उन्नत ट्विन-पाइप, ग्रेज्युएटेड-रिलीज़, एक्सल-माउंटेड डिस्क ब्रेक प्रणाली की भी समीक्षा की गई, जिसे 160 किमी प्रति घंटे तक की उच्च गति संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
डीआरएम ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन और रखरखाव में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।








