मिर्जापुर। महीने के तीसरे बुधवार को विकास भवन में आयोजित किसान दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा और समाधान की मांग की।

किसानों ने कहा कि धान खरीद के लिए लगाए गए टोकन नंबर के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर शासनादेश के तहत 28 फरवरी तक धान की खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर धान खरीद में अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन किसानों का धान खरीदा जा चुका है, उनका बायोमेट्रिक (अंगूठा लगाकर) सत्यापन कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
चुनार तहसील अंतर्गत ग्राम कुंडाडीह, करहट, जादोपुर, बरईपुर, मकईपुर सहित अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि उनकी जमीन रेलवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन कुछ किसानों को पुनर्वास राशि (5 लाख रुपये) एवं मुआवजा का भुगतान अब तक नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि आवेदन और आवश्यक प्रपत्र जमा होने के बावजूद डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा भुगतान पर रोक की बात कही जा रही है। किसानों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर पुनर्वास और मुआवजा दिलाने की मांग की।
इसके अलावा चुनार तहसील के गंगा किनारे बसे गांव—शिवपुर, जलालपुर माफी, बगही, चित्रहां, गांगपुर आदि—के किसानों ने बताया कि गंगा में लगातार हो रहे कटान से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि समाहित होती जा रही है। उन्होंने कटान रोकने के लिए स्थायी एवं प्रभावी उपाय करने की मांग की।
किसानों ने यह भी बताया कि ग्राम सभा बगही से जलालपुर माफी के बीच की सड़क बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। उन्होंने सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग की।
मिर्जापुर से बसंत कुमार गुप्ता की रिपोर्ट








