वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटवा खरका गांव निवासी मकसूद आलम, महफूज आलम, अख्तर रसूल और आफताब आलम (पुत्रगण सरफराज) ने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद उनके शौचालय और बाउंड्रीवाल को प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसडीएम सदर द्वारा आदेश आराजी नंबर 993 (पूरब-पश्चिम नवीन परती) पर 0.02 एयर भूमि के संबंध में दिया गया था, जबकि राजस्व टीम ने कथित रूप से आराजी नंबर 921 ग (उत्तर-दक्षिण) पर कार्रवाई करते हुए लगभग 8 फुट चौड़ाई में तोड़फोड़ की। साथ ही आराजी नंबर 921 (आबादी) पर भी कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों के अनुसार 5 फरवरी की रात लगभग 11:40 बजे जाहिद, फरीद समेत कुछ लोग स्टे वाली जमीन पर ईंट-पत्थर फेंक रहे थे। विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। कोटवा चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाया। आरोप है कि उनकी शिकायत 112 पर दर्ज नहीं की गई और बाद में उल्टे उन्हीं पर लोहता थाना द्वारा कानूनी कार्रवाई कर दी गई।
पीड़ितों का यह भी कहना है कि विपक्षी पक्ष के हाजी खुर्शीद, हाजी नसीम, नवाब शरीफ, जाहिद और रिजवान द्वारा लगातार धमकी दी जा रही है। मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की गई है।
रिपोर्ट- अशोक कुमार गुप्ता









