बलिया। जिलाधिकारी मंगला सिंह ने शनिवार को तहसील रसड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में कई कमियां पाई गईं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने टूटी बाउंड्रीवॉल को तत्काल ठीक कराने तथा उसका प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। परिसर में स्थित शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें स्वच्छ एवं सुचारु रखने को कहा गया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को निर्देशित किया गया कि तहसील परिसर में पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध होने के कारण वहां एक सुंदर पार्क विकसित किया जाए।
इसके अलावा जर्जर भवनों को कंडम घोषित कर नए भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा परिसर में पड़े पुराने और खराब जनरेटर को हटाने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी खतौनी केंद्र कार्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो को अनावश्यक अभिलेखों की पहचान कर प्रस्ताव तैयार करने तथा पुराने रिकॉर्ड हटाकर नए दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सभी अलमारियां खुलवाकर अभिलेखों की गहन जांच की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में आरके द्वारा किए गए पट्टों की फाइल तलब की गई। जांच में पाया गया कि पट्टे की फाइल उपलब्ध होने के बावजूद उसका खतौनी में अंकन नहीं किया गया था। पत्रावलियों का रखरखाव भी असंतोषजनक पाया गया। इस पर संबंधित आरके/रजिस्ट्रार कानूनगो अनिल तिवारी को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
रिपोर्ट: अवधेश यादव









