नई दिल्ली। देश में संभावित ईंधन संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने नियमों में अस्थायी ढील देते हुए अगले 60 दिनों तक पेट्रोल पंपों के माध्यम से राशन वाला केरोसीन बेचने की अनुमति दे दी है।
सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य आम जनता को ईंधन की कमी से राहत देना और वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अब तक केरोसीन केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन दुकानों) के जरिए सीमित मात्रा में मिलता था, लेकिन अब इसकी उपलब्धता और आसान हो जाएगी।
क्या है फैसला?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित 60 दिनों तक केरोसीन की बिक्री कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
- ईंधन संकट से राहत मिलेगी
- ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में आसान उपलब्धता
- घरेलू उपयोग और छोटे व्यवसायों को सहारा
- लंबी लाइनों और कालाबाजारी पर रोक
नियम और निगरानी सख्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरोसीन की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोल पंपों को निर्धारित मूल्य और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, ताकि कालाबाजारी और दुरुपयोग को रोका जा सके।
सरकार का उद्देश्य
सरकार के अनुसार यह कदम अस्थायी राहत के लिए उठाया गया है, जिससे ईंधन आपूर्ति संतुलित बनी रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।








