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बिहार भूमि सर्वे: रोहतास ने किया टॉप, गया दूसरे स्थान पर, भोजपुर सबसे नीचे

बिहार भूमि सर्वे: रोहतास ने किया टॉप

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Bihar bhumi sarvey आपके बिहार में भूमि सर्वे जो काम है बहुत जोर सोर से हो रहा है और तो और इस प्रक्रिया के काम को रोहतास जिला ने सबसे अच्छा दिखाया है। आपके इस भूमि सर्वे के तहत जिले के हर एक गांव और खेतों की माप-जोख किया जाता है ताकि जमीन के मालिकाना हक और उसकी स्थिति को सही तरीके से दर्ज किया जा सके। रोहतास ने इस काम को सबसे अच्छी प्रगति में किया है, जबकि गया जिला दूसरे स्थान पर रहा। यह सर्वे आप के राज्य सरकार की योजना के तहत किया जा रहा है, जिससे की आपके जमीन से जुड़े कहासुनी को सुलझाने में और विकास के कामो में भी मदद मिलेगी।

हालाँकि आपके भोजपुर इस काम को दिखाने में सबसे कमजोर है यहाँ पर भूमि सर्वे का काम बहुत ज्यादा धीरे धीरे हो रहा है। आपको बता दे की इसका उदेश्य यह है की आपके जमीन का सही जानकारी को जुटाकर राज्य में भूमि सुधार की दिशा में कदम बढ़ाए जाएं। जिन भी जिलों में सर्वे का काम बहुत धीरे चल रहा है हमारे प्रशासन की कोशिश यह है कि काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ताकि इस पूरी प्रक्रिया सेआप सब किसानों को और जमीन के मालिकों को लाभ होगा और जमीन से जुड़े जितने कहासुनी में कमी भी आएगा।

बिहार भूमि सर्वे से सम्बंधित कुछ मुख्य बिंदु

  1. आपके भूमि सर्वे में रोहतास जिला सबसे ऊपर है , जहां सर्वे का काम बहुत तेजी से पूरा हुआ है।
  2. गया जिला बहबूमि सेव की सूचि में दूसरे स्थान पर है यहाँ पर भूमि सर्वे का काम बहुत अच्छे तरीके से पूरा हुआ है।
  3. भोजपुर जिला इस सूचि में सबसे निचे है क्या बताऊ यहाँ पर भूमि सर्वे का काम इसके अपेछित बहुत धीरे है।
  4. कुछ जिलों में तो सर्वे का काम बहुत ही ज्यादा तेज है जिससे की हमारे राज्य मे भूमि को सुधारने के दिशा में सकारातमक कदम को उठाए जा रहे हैं।
  5. सर्वे का उदेश्य आपके भूमि पर होने वाले कहासुनी को सुलझाना और भूमि मालिकों को आपकी संपत्ति का सही आंकलन उपलब्ध कराना है

भूमि सर्वेक्षण में रोहतास अव्वल

हमारे बिहार में चल रहां है व्यापक भूमि सर्वे में रोहतास जिला ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहां के जो किसान है (भूमि मालिक) स्वघोषणा पत्र को जमा करने के मामले में सबसे आगे हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, रोहतास जिले में अब तक कुल 3,93,783 स्वघोषणा पत्र प्रपत्र-2 के जरिये से प्राप्त किया गया हैं। वहीं गया जिला इस मामले में दूसरे स्थान पर है, जहां 2,95,970 स्वघोषणा पत्र जमा किया गया हैं।

गया दूसरे और भोजपुर सबसे नीचे स्थान पर

भोजपुर जिला में , जो कि इस सूची में सबसे नीचे है मतलब 38वें स्थान पर है, ने केवल 33,355 स्वघोषणा पत्र प्राप्त किया गया हैं। भोजपुर जिले का पदिखावा अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, जबकि पूर्वी चंपारण भी 34,594 स्वघोषणा पत्रों के साथ निचले पायदान पर है।

bihar bhumi sarvey के भूमि अभिलेख और परिमाप निदेशक, जे. प्रियदर्शिनी ने बताया है कि आपके राज्य के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक के समय यह जानकारी दिया गया है। उन्होंने सभी जिलों को आदेश दिया है कि वो ज्यादा से ज्यादा किसानो से संपर्क करके आपको स्वघोषणा पत्र ऑनलाइन अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि सर्वे का प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

स्वघोषणा पत्रों का आंकड़ा और लंबित कार्य

आपके आने वाले समय में बिहार भूमि सर्वे के अंतर्गत कुल 37,98,514 स्वघोषणा पत्र प्राप्त हुआ हैं, जिनमें से 2,49,847 आवेदन शिविरों के जरिये से ऑफलाइन प्राप्त हुआ हैं। इन ऑफलाइन प्राप्त पत्रों को भी ऑनलाइन किया जाना बाकी है। अब तक कुल 15,55,293 किसानो ने अपने फाइल्स ऑनलाइन अपलोड किया हैं, जबकि 19,93,374 आवेदन सर्वे शिविरों में ऑफलाइन मोड के जरिए जमा हुए हैं, जिनका सर्वे कर्मियों जरिये वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है।

पहले चरण के बैठक में 20 जिले ऐसे है जहा पर भूमि सर्वे के काम में प्रगति के बारे में बात किया जा रहा है इसमें क्या है की खासकर खानापुरी (सर्वे की प्रारंभिक प्रक्रिया), प्रारूप प्रकाशन और लगान तो तय करना है कृषि भूमि पर कर निर्धारण) के लिए शेष (गावो या फिर भूमि झेत्र ) का समीझा किया गया है। बंदोबस्त पदाधिकारियों को आदेश दिया गया है की वो जल्दी से जल्दी जो लम्बे समय से काम को पूरा करे ताकि सर्वे का जो काम है समय पर पूरा हो जाये।

ग्राम सभा और खतौनी लेखन की स्थिति

समीक्षा बैठक के समय सभी 38 जिले के 534 अंचलों के साथ में क्षेत्र में गांव सभा की स्थिति पर भी बात किया गया है जहां पर आपके बिहार के कुल 42,445 क्षेत्र में से 42,287 क्षेत्र में ग्राम सभा को आयोजित किया जा चुका है जबकि 39,822 मित्र की जानकारी निदेशालय कि वक्त जो शेष क्षेत्र है उसकी जानकारी भी जल्दी आपकी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए आदेश दे दिया गया है।

साथ ही सभी अंचलों सर्वे का निष्कर्ष या फिर खतौनी लेखन के भी जिला वार्ड समीक्षा को किया गया है अब तक कोई 9,889 गांव में खतौनी के लेखन का काम पूरा कर दिया गया है जबकि 24739 क्षेत्र में या काम प्रगति पर है जो बचे हुए क्षेत्र हैं उसमें भी जल्द ही खतौनी लेखन का काम शुरू कर दिया जाएगा।

सर्वे कर्मियों के वेतन का भुगतान

आपके बिहार में दुर्गा पूजा के छठ से पहले ही सर्वे कर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर के बैठक में बात हो रहा है आपके भूमि अभिलेख और परिमाण निदेशक ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि मंगलवार तक सारे सर्वे कर्मियों का वेतन भुगतान हर हाल में कर दिया जाएगा सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी ने भी बताया है कि नवनियुक्त कर्मियों के बैंक खाता खुल चुके हैं और निदेशालय से आवेदन प्राप्त हो चुका है मिथुन भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो गया है और अगले एक-दो दिन में इसे पूरा भी कर दिया जाएगा।

भूमि सर्वे का महत्व और चुनौती

हमारे बिहार में भूमि का सर्वे काम चल रहा है और इसका उद्देश्य है कि राज्य के सरकार की जो भूमि है उसके मालिकाना हक की स्थिति को स्पष्ट भूमि पर जितने भी कहासुनी है उसको काम करना है और  ये काम राज्य सरकार के जरिए से किया जा रहा है इस सर्वे से न केवल का सही जानकारी प्राप्त होगा बल्कि इससे आपकी जमीन से जुड़े कहां सुनने का भी निपटारा अच्छे तरीके से हो सकेगा।

हालांकि इस प्रक्रिया के समय कुछ चुनौतियां भी सामने आई है जो कि ग्रामीण क्षेत्र में आप लोग की जानकारी का अभाव तकनीकी समस्या और सर्वे कर्मियों की भी कमी को जिलों में तो ऑनलाइन अपलोड करने का जो प्रक्रिया है वह धीमा है। जिस की सर्वे की जो गाती है वह प्रभावित हो रही है इसके बावजूद भी हमारे राज्य सरकार और इससे जुड़े अधिकारी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं कि सर्वे की प्रक्रिया समय पर पूरा हो जाए और आप सभी किसानों को आपके भूमि का सही जानकारी प्राप्त हो सके।

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