
चंद्र देव हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं, जिन्हें चंद्रमा का स्वामी माना जाता है। उनकी पूजा विशेष रूप से ज्योतिष और वैदिक धार्मिक कर्मकांडों में की जाती है। चंद्र देव को चंद्रमा का देवता होने के कारण ‘सोम’ और ‘इंद्र’ नामों से भी संबोधित किया जाता है। उन्हें शांति, सौंदर्य और प्रेम का प्रतीक माना गया है और उनके आशीर्वाद से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि आती है। चंद्र देव की कृपा से व्यक्ति के मन और चित्त में संतुलन, सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो उनके भक्तों को कठिन समय में शक्ति और मानसिक संतुलन प्रदान करता है।
चंद्र देव की आरती विशेष रूप से पूर्णिमा के दिन की जाती है, जब चंद्रमा अपने संपूर्ण आकार में होता है और उसकी चांदनी आकाश को जगमगाती है। ऐसी मान्यता है कि चंद्र देव की पूजा से मानसिक तनाव दूर होता है और मन में शांति का अनुभव होता है। चंद्र देव की आरती में भक्त उनके सौंदर्य, शीतलता और प्रेम को सम्मानित करते हैं। चंद्र देव की आरती के माध्यम से भक्त उन्हें नमन करते हैं और अपने जीवन में सुकून, धैर्य और शांति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आरती
ॐ जय सोम देवा ; स्वामी जय सोम देवा ! दुःख हरता सुख करता; जय आनन्दकारी !
रजत सिंहासन राजत ; ज्योति तेरी न्यारी ! दीन दयाल दयानिधि; भव बन्धन हारी !
जो कोई आरती तेरी; प्रेम सहित गावे ! सकल मनोरथ दायक; निर्गुण सुखराशि !
योगीजन हृदय में ; तेरा ध्यान धरें ! ब्रह्मा विष्णु सदाशिव; सन्त करें सेवा !
वेद पुराण बखानत; भय पातक हारी ! प्रेमभाव से पूजें; सब जग के नारी !
शरणागत प्रतिपालक ; भक्तन हितकारी ! धन सम्पत्ति और वैभव ; सहजे सो पावे !
विश्व चराचर पालक ; ईश्वर अविनाशी ! सब जग के नर नारी; पूजा पाठ करें !
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ! दुःख हरता सुख करता; जय आनन्दकारी !

Neha Patel is a content and news writer who has been working since 2023. She specializes in writing on religious news and other Indian topics. She also writes excellent articles on society, culture, and current affairs.