Search
Close this search box.

बलिया के रणबांकुरे रणजीत यादव का निधन: गांव में मातम, ‘अमर रहें’ के नारों से गूंजा प्रधानपुर

बलिया । रसड़ा के प्रधानपुर गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात 32 वर्षीय सिपाही रणजीत यादव के निधन की दुखद खबर पहुंची। लखनऊ के एक निजी अस्पताल में रविवार सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे पिछले दो महीनों से बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज लगातार चल रहा था।

रणजीत यादव, राम प्रकाश यादव के बड़े पुत्र थे और वर्ष 2012 में भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी के लिए वे क्षेत्र में गर्व का विषय थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही रेजिमेंट के जवानों ने अस्पताल में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया।

परिवार में शोक का माहौल गहरा है। रणजीत अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनकी पत्नी पूजा यादव, जो बिहार के वैशाली जिले में गृह विज्ञान की लेक्चरर हैं, और उनका साढ़े तीन साल का बेटा इस दुख से टूट गए हैं।

मां मेवाती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े। युवाओं ने बाइक जुलूस निकालकर ‘वंदे मातरम’ और ‘रणजीत यादव अमर रहें’ के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। गांव में शोक के साथ-साथ अपने वीर सपूत पर गर्व का भाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

रिपोर्टिंग अवधेश यादव।

Leave a Comment

और पढ़ें