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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष पर मिर्जापुर में भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों का अनुशासित प्रदर्शन

मिर्जापुर । नगर में भव्य विराट पथ संचलन निकाला गया। इस संचलन में नगर सहित जिले के विभिन्न खंडों से आए पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफेद शर्ट, खाकी पैंट और काली टोपी पहने स्वयंसेवक हाथों में दंड लिए अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करते हुए चल रहे थे।

मार्ग में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए स्वागत द्वारों पर पुष्पवर्षा कर संचलन का भव्य स्वागत किया गया।पथ संचलन बीएलजे मैदान महुअरिया से प्रारंभ होकर गिरधर चौराहा, बेलतर, डंकीनगंज, तेलियागंज, अनगढ़ रोड, शुक्लहा और तहसील चौराहा होते हुए पुनः बीएलजे मैदान में संपन्न हुआ।

इसमें बाल, तरुण और प्रौढ़ स्वयंसेवकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। संचलन से पूर्व बीएलजे मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता काशी प्रांत प्रचारक रमेश जी ने संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मंच संचालन एवं परिचय जिला कार्यवाह प्रविंद्र शर्मा ने कराया।

अपने उद्बोधन में प्रांत प्रचारक रमेश जी ने हिंदू नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की पहचान विश्वबंधुत्व की रही है और आज पुनः देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि संघ के लाखों स्वयंसेवक देशभर में शाखाओं, मिलनों और मंडलियों के माध्यम से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में जुटे हैं।

उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इजरायल जैसे देशों में संघर्ष की स्थिति है, जबकि भारत शांति और सद्भाव के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में “नेशन फर्स्ट” की भावना को अपनाना आवश्यक है।

प्रांत प्रचारक ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए स्वामी दयानंद सरस्वती के वेदों की ओर लौटने के आह्वान और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संस्कृति और स्वाभिमान के पुनर्जागरण के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों के कारण भारत विश्वगुरु रहा और आज फिर विश्व भारत को आशा भरी निगाहों से देख रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने की। उन्होंने संघ के “पंच परिवर्तन”—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जागरण और नागरिक कर्तव्यों—को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, संघ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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