दिवाली 2024 दीपावली का त्योहार हमेशा खुशियो ,रोशनी और उत्सव का प्रतीक है और पटाखों के बिना तो यह पर्व दिवाली का हमेशा अधूरा ही लगता है हर साल आप जैसे लाखों लोग दिवाली पर पटाखे जला करके अपने आनंद को व्यक्त करते हैं लेकिन उसके साथ आपको सुरक्षा और पर्यावरण की भी चिंता होगी यही वजह है कि जो प्रशासन है इस पर 2024 को दिवाली पर मार्केट में जो पटाखे बेचे जा रहे हैं और इसका जो भंडार है उसको लेकर के सख्त नियम बनाए गए हैं। ताकि आप यहां पर दिवाली सुरक्षित और प्रदूषण से मुक्त होकर के मना सके।
इस साल के जो आपके जिला प्रशासन है उन्होंने 1100 ऐसे दुकान है जिसका लाइसेंस जारी कर दिए हैं लेकिन इन सब दुकानों को कुछ ऐसे खास नियम बनाए गए हैं जिसका कि उनका पालन करना बहुत ही जरूरी है इन नियमों का जो प्रथम उद्देश्य है पटाखे को बेचने के समय पर सुरक्षा को सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी तरह की कोई भी अनहोनी ना हो सके इस चीज से बचा जा सके इन नियमों में जो दुकान के स्थान है वहां पर भंडार की मात्रा बहुत ही ज्यादा है यह बात उसमें शामिल है जिनका की पालन करना बहुत ही जरूरी है पटाखे के दुकानदार के लिए अगर आप इस दिवाली पर पटाखे बेचना चाहते तो आपको जो यह आठ गाइडलाइन दिया गया है उसका पालन आपको करना बहुत ही जरूरी है।
दीपावली की तैयारी और पटाखों का महत्व
दिवाली का जो पर्व जैसे-जैसे नजदीक आता है शहर में बाजार की रौनक और भी ज्यादा बढ़ने लगती है रोशनी मिठाइयां और पटाखों के बिना तो यह त्यौहार हमेशा अधूरा ही रहता है हालांकि पटाखे के जो बढ़ते हुए इस्तेमाल है उसके साथ पर्यावरण और सुरक्षा से भी जुड़े ऐसे कई बात होते हैं जो कि सामने आते हैं इन्हीं सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस साल जिला के प्रशासन में पटाखे को बेचने वाले और भंडार है उसके लिए एक बहुत ही सख़्त नियम जारी कर दिया जो भी व्यापारी बेचते है और खरीदते हैं जो दुकानदार हैं उनको यह पालन करना बहुत ही जरूरी है आज हम इस लेख में आपको यह बताने जा रहे हैं कि 2024 में पटाखे की जो लेनदेन है उससे जुड़ी ऐसी कौन-कौन सी गाइडलाइन है जो की जारी किया गया है और कैसे यह नियम आपकी सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है।
1100 से ज्यादा दुकानों के लिए जारी हुए लाइसेंस
इस साल के दिवाली मौके पर शहर में आपके 1100 से ज्यादा ऐसे पटाखे की दुकान है जो की लगेंगे उसके लिए जिला के प्रशासन ने एक लाइसेंस को भी जारी कर दिया है कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया है कि पटाखों के जो भंडार हैं और बेचने वाले लोग हैं दुकानदार उनके लिए एक सख्त नियम बनाया क्या है जो दुकानदार है उनको केवल 100 किलो तक ही पटाखा और विस्फोट वाले सामान अपने दुकान में रखना है बस इतने का ही अनुमति उनको दिया गया है इससे ज्यादा करने पर उनके ऊपर कारवाही भी हो सकती है।
आपके शहर में अलग-अलग स्थान पर पटाखे के बाजार लगाने के लिए एक खास स्थान भी चुन लिया क्या है इन सब स्थान पर व्यापारी जो है लाइसेंस को प्राप्त करके दुकान को लगाएंगे इस बार हलालपुर एमपी नगर और बिट्टन मार्केट सहित बाजार में 20 बड़े ऐसे बाजार मैं पटाखे थोक में बेचा जाएगा।
दुकानदारों को दी गई खास हिदायतें
जो पटाखे हैं उसकी कीमत बढ़ रही है और आपसे जो प्रतिस्पर्धा है उनको अपने नियंत्रित में करने के लिए जो व्यापारी को हिदायत दिया गया है कि वह ग्राहक के हित को पूरा का पूरा ध्यान में रखते हुए अपने ग्राहकों को सही कीमत में पटाखों को उपलब्ध करें उसके साथ-साथ सुरक्षा को भी ध्यान में रखना है और इन सभी नियमों का पालन करना सबके लिए बहुत ही जरूरी है प्रशासन के जरिए से जितने भी सभी व्यापारी हैं इस बात की जो समझाइए दी गई थी की प्रतिस्पर्धा में गुणवत्ता से कोई भी समझता नहीं किया जाएगा।
अस्थायी लाइसेंस ऑनलाइन आवेदन से
पटाखों के जितने भी स्थाई दुकान है उनके लिए एक लाइसेंस जारी किया गया था उसे लाइसेंस को व्यापारी प्राप्त करने के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए से आवेदन करना होगा यह सुविधा दिया गया है अब तक भोपाल के जो जिला है उसमें भी 1114 लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा चुका है इनमें से 500 किलो तक के पटाखे के लिए बिक्री है उसके लिए 20 ऐसे बड़े आवेदन है जिसको की मंजूरी दे दिया गया है।
इस बार नर्मदापुरम रोड पर 11, करोंद में 2 और भानपुर की 1 दुकान को लाइसेंस मिला है। थोक व्यापारियों के लिए सालभर का लाइसेंस जरुरी किया गया है जबकि फुटकर व्यापारियों के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।
पटाखों के लिए जारी हुईं गाइडलाइन
दिवाली के समय में पटाखे की जो बिक्री है और भंडारा उसको लेकर के आपके प्रशासन ने कुछ खास दिशा आदेश को जारी किया है जिनका की पालन करना हर एक दुकानदार के लिए बहुत ही जरूरी है तो लिए हम जानते हैं की दिशा आदेश क्या-क्या दिया गया है इसके बारे में।
1. टीन शेड का निर्माण
पटाखों के जितने भी दुकान है उनके लिए यह जरूरी रूप से एक टीम को सेंड करने का निर्माण करना पड़ेगा ताकि जो सुरक्षा है उसकी सभी लोग अच्छे से पालन कर सके और किसी भी तरह की कोई भी घटना ना हो पाए इस चीज से बचा जा सके।
2. अग्नि शमन यंत्र की उपलब्धता
हर एक दुकान में फायरिंग वाला समान होना बहुत ही जरूरी किया गया है ताकि अगर आग लगने की स्थिति हो तो उसे पर तुरंत कारवाही को किया जा सके।
3. रेत की बाल्टियों का इस्तेमाल
जितने भी दुकानदार हैं उनको अपने दुकान में रेत से भरा हुआ बाल्टी रखना है ताकि किसी भी तरह का कोई भी घटना अगर होता है तो उसे समय इसका इस्तेमाल कर सके।
4. दूरी का ध्यान
दो अस्थाई दुकान अगर होंगे तो उसके बीच में काम से कम 3 फीट की तो दूरी होनी चाहिए इसके साथ ही जितने भी दुकान है उसका सुरक्षित स्थान से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर स्थापित करना जरूरी होगा।
5. दुकानों का सामना नहीं हो
जितने भी दुकान है उनको आने साल नहीं लगाया जा सकता है जिससे कि सभी को सुरक्षा का पालन करना होगा और किसी भी तरह का कोई भी दुर्घटना ना हो इससे भी बचा जा सकता है।
6. प्रकाश के साधन
तेल लैंप, गैस लैंप और खुली हुई बिजली की बतियो का इस्तेमाल पूरे तरह से रोक कर दिया गया है जितने भी दुकान है उनमें प्रकाश के लिए सुरक्षित ऑप्शनों का इस्तेमाल करना होगा।
7. बिजली के तारों का सही इस्तेमाल
अगर किसी भी दुकान में आप बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर करना है तो इसके लिए आपको जो भी तार है उसको दीवार पर या फिर छत पर सुरक्षित रूप से लगाना होगा खुले तार का इस्तेमाल आपको किसी भी स्थिति में नहीं करना है।
8. तारों को लटकाने की अनुमति नहीं
किसी भी तरह का जो तार है दुकान के ऊपर या फिर आसपास लटकाने की अनुमति बिल्कुल भी नहीं दिया जाएगा ताकि जो बिजली से शादी हुई कोई दुर्घटना की जो भी संभावना है उसको रोका जा सके
थोक और फुटकर बाजारों का वितरण
भोपाल के जिले में 20 तोक पटाखे बाजार स्थापित किए गए हैं जिनमें की हलालपुर में 15, रेलवे फाटक करोदा और बैरसिया रोड 1- 1 दुकान भी इसमें शामिल है इसके अलावा ग्राम के बेरसिया में भी 2 ऐसी बड़ी दुकान स्थापित की गई है जिनमें की फूट करके बाजार के लिए 1100 से ज्यादा लाइसेंस को जारी कर दिया गया जिससे कि स्थनीय व्यापारी भी पटाखे को देख सकते हैं।
ग्राहकों की सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान
इस साल की जो दिवाली है उसे पर पटाखों को बेचते समय सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण का भी खास ध्यान रखना है प्रशासन के जरिए से जो व्यापारी है उनको अभी आदेश दिया गया है कि वह पर्यावरण के अनुकूल है पटाखे को बेचने पर जोर दे ताकि दीपावली के बाद भी वायु और ध्वनि प्रदूषण कम से कम हो सके।









