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गायत्री मंत्र: शांति, समृद्धि और आत्मिक उन्नति का सरल मार्ग

Gayatri mantra

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गायत्री मंत्र हिंदू धर्म का एक ऐसा महत्वपूर्ण मंत्र है जिसे ईश्वर की कृपा पाने और मन की शांति प्राप्त करने का सबसे सरल और श्रेष्ठ उपाय माना गया है। यह मंत्र हमें ब्रह्मा जी के निकट लाने के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है। आइए जानते हैं गायत्री मंत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और इसके लाभ।

गायत्री माता: वेदों की जननी

हिंदू धर्म में देवी गायत्री को “वेद माता” के रूप में जाना जाता है। धार्मिक रूप से उन्हें ब्राह्मण का सत्व माना जाता है, और उनका अस्तित्व वर्तमान, अतीत और भविष्य को समेटे हुए है। इसी कारण से मां गायत्री को त्रिमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। वे कमल के फूल पर विराजमान होती हैं, जो धन, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। gaytri mata aarti करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि प्राप्त होती है।

गायत्री मंत्र: महामंत्र का महत्व

गायत्री मंत्र: “ॐ भूर्भुवः स्वः तस्यवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात” को महामंत्र के रूप में जाना जाता है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। यह ईश्वर से जुड़ने और आंतरिक शांति पाने का अद्वितीय साधन है।

हर स्थिति में लाभदायक उपासना

गायत्री मंत्र की सबसे विशेष बात यह है कि इसकी उपासना किसी भी समय और किसी भी परिस्थिति में की जा सकती है। चाहे आप किसी भी जीवन स्थिति में हों, अगर आप सच्चे मन और श्रद्धा से मंत्र का जाप करते हैं, तो आपको लाभ अवश्य मिलेगा। इसके लिए अधिक कर्मकांड की आवश्यकता नहीं होती, बस सच्ची आस्था और नियमितता की जरूरत होती है।

गायत्री मंत्र जाप का विधि-विधान

प्रतिदिन पूजा में गायत्री मंत्र का तीन माला जाप आवश्यक माना गया है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के लिए 11 माला जाप का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि जो ज्योतिषी 11 माला का नियमित जाप करते हैं, वे ही ग्रहों की सही स्थिति का आकलन कर पाते हैं और ज्योतिष में निपुणता प्राप्त करते हैं।

जाप का सही तरीका

गायत्री मंत्र का जाप सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर घर के मंदिर में सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठकर करना चाहिए। जाप के दौरान यह ध्यान रखना चाहिए कि होठ हिलते रहें, लेकिन आवाज इतनी धीमी हो कि पास में बैठे व्यक्ति को भी सुनाई न दे। मंत्र के साथ यह भावना रखनी चाहिए कि हमारे भीतर सकारात्मकता और पवित्रता का संचार हो रहा है, और हमारी दुर्बुद्धि सद्बुद्धि में बदल रही है।

निष्कर्ष

गायत्री मंत्र सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं है, यह हमारी आत्मिक और मानसिक शांति का मार्ग भी है। इसके नियमित जाप से न केवल आध्यात्मिक लाभ होते हैं, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का भी संचार होता है। अतः विधिपूर्वक और श्रद्धा से गायत्री मंत्र का जाप अवश्य करें और जीवन को नई दिशा दें।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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