
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा को भाजपा में शामिल होने का न्योता देने के एक दिन बाद, शैलजा ने अपने अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “भाजपा को मुझे सलाह देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस मेरी रगों में दौड़ती है। जैसे मेरे पिता तिरंगे में लिपटकर मरे थे, मैं भी एक दिन उसी तिरंगे में लिपटकर जाऊंगी।”
कांग्रेस को मिली बड़ी राहत
हरियाणा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और मतभेदों की खबरों के बीच अब पार्टी को बड़ी राहत मिली है। पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला और सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने का फैसला किया है। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में आपसी मनमुटाव को लेकर चल रही अफवाहें महज़ अफवाहें ही हैं।
चुनाव प्रचार में जुटे सुरजेवाला और शैलजा
रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की कि वे नरवाना में कांग्रेस उम्मीदवार सतबीर दबलैन के लिए 22 जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि कुमारी शैलजा भी 26 तारीख़ को नरवाना में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगी और कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगी। सुरजेवाला ने कहा, “राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस हरियाणा में जीत का परचम लहराएगी और प्रदेश के लोगों के सपनों को साकार करेगी।”
भाजपा में जाने की अफवाहों का खंडन
कुमारी शैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के बीच अनबन की खबरों के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुमारी शैलजा कांग्रेस छोड़ सकती हैं। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ी हैं और किसी भी सूरत में भाजपा में शामिल होने का विचार नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी के लिए मेरे मन में जो सम्मान है, वह किसी भी राजनीतिक दबाव या मतभेद से ऊपर है।”
खट्टर का निमंत्रण और शैलजा का सख्त जवाब
मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि कांग्रेस में किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति को जिस तरह का व्यवहार मिल रहा है, उसके बाद कोई भी नेता अपने अगले कदम के बारे में सोच सकता है। लेकिन शैलजा ने खट्टर के इस बयान को सिरे से नकारते हुए कहा कि भाजपा उन्हें सलाह देने से बचे। उन्होंने अपने जवाब में साफ कर दिया कि कांग्रेस उनकी पहचान है और वे किसी भी कीमत पर पार्टी नहीं छोड़ेंगी।