वाराणसी । ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया के सामने नई मिसाल पेश की है। नगर निगम द्वारा डोमरी-सूजाबाद क्षेत्र में मात्र एक घंटे के भीतर 2.51 लाख पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया, जिसकी सराहना स्वयं नरेंद्र मोदी ने अपने 132वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की। उन्होंने इसे जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होता है, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
इस अभियान को ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। काशी ने न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर नेतृत्व क्षमता भी प्रदर्शित की है। इस महाअभियान की सफलता के पीछे महीनों की योजना और हजारों लोगों का सामूहिक प्रयास रहा। सेना, एनडीआरएफ, यूपी पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्कूली बच्चों ने मिलकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया।
यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के अनुसार, तीसरे वर्ष से नगर निगम को 2 करोड़ रुपये की आय शुरू होगी, जो सातवें वर्ष तक 7 करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुंच सकती है। यहां शीशम, सागौन, बांस सहित 27 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, साथ ही आम, अमरूद जैसे फलदार और अश्वगंधा, गिलोय जैसी औषधीय पौधों का भी समावेश है।
तकनीकी रूप से भी यह अभियान अत्याधुनिक है। स्मार्ट सिंचाई के लिए 10 बोरवेल और 360 रेन गन सिस्टम लगाए गए हैं, जबकि 350 बीघा क्षेत्र को 60 सेक्टरों में बांटकर ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने इसे अन्य नगर निकायों के लिए प्रेरणा बताया, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काशी ‘ऑक्सीजन बैंक’ बनने की ओर अग्रसर है। यह पहल हरित विकास का नया मॉडल बनकर उभर रही है।








