वाराणसी । स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) द्वारा विकसित 15 नई उन्नत सब्जी किस्मों का विमोचन 15वीं राज्य किस्म विमोचन समिति की बैठक में किया गया। इन किस्मों में टमाटर, मटर समेत कई प्रमुख और अल्प-उपयोगित फसलें शामिल हैं, जो आधुनिक कृषि के लिए उपयोगी मानी जा रही हैं।
टमाटर की ‘काशी चेरी टमाटर-3’, ‘काशी चेरी टमाटर-14’, ‘काशी दक्ष’, ‘काशी श्रेष्ठा’ और ‘काशी आर्या’ जैसी किस्में कम पानी में बेहतर उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विकसित की गई हैं।
वहीं मटर की ‘काशी त्रिशक्ति’ और ‘काशी धन्वी’ अगेती और रोग सहनशील किस्में हैं, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगी।इसके अलावा करैला, लौकी, ग्वार, विंग्ड बीन, चौलाई, सिंघाड़ा, बेबी कॉर्न और कमल की नई किस्में भी पेश की गई हैं। ये किस्में पोषण, अधिक उत्पादन और जलवायु परिवर्तन के अनुकूलता को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि ये नई किस्में किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका है।








