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वाराणसी: ड्रीम लाइट पब्लिक स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी में नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाई काबिलियत

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वाराणसी। ड्रीम लाइट पब्लिक स्कूल भट्ठी लोहता में आयोजित वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी का शनिवार को भव्य समापन हुआ। इस प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें रोबोटिक्स और एक्वापोनिक्स जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान खींचा।

प्रदर्शनी में एडवांस टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी, एटॉमिक स्ट्रक्चर, जल संरक्षण और भविष्य की खेती जैसे विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही विज्ञान के अलावा एग्रीकल्चर, व्यापारिक मॉडल, राष्ट्रीय प्रतीक और कला एवं शिल्प के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

अभिभावकों ने बच्चों के मॉडल्स का अवलोकन किया और उनसे तार्किक प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। प्रबंधक कन्हैया लाल गुप्ता, प्रधानाचार्य घनश्याम प्रजापति और मैनेजर प्रदीप कुमार गुप्ता ने बच्चों को नवाचार की दिशा में प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सहायक शिक्षक नील रतन, रोहित पांडेय, सुनीता मिश्रा, आरती मैम और विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: अशोक कुमार गुप्ता

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।