सोनभद्र (रेणुकूट)। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने शुक्रवार को जिले के पिपरी क्षेत्र स्थित रिहंद बांध का अचानक दौरा कर केज कल्चर योजना की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई गंभीर खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंत्री दोपहर करीब 11 बजे डोंगियानाला पहुंचकर रिहंद जलाशय का जायजा लेने निकले। इसके बाद उन्होंने नाव से उन केजों का निरीक्षण किया, जहां मछली पालन किया जाना था। जांच के दौरान सामने आया कि परियोजना में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पहले से मौजूद केजों को ही नया दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई।

मामले की पड़ताल में यह भी सामने आया कि लाभार्थियों के नाम पर जारी की गई धनराशि को वापस लेकर एक ही व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे योजना का वास्तविक उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

निरीक्षण के दौरान कई केज खाली मिले और उनमें मछलियों के बजाय काई जमी हुई थी, जो लंबे समय से देखरेख न होने की ओर इशारा करती है। इस स्थिति को देखते हुए मंत्री ने साफ कहा कि लापरवाही और अनियमितताओं में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









