Search
Close this search box.

सुबह को शुभ बनाने के मंत्र: सफलता और शांति के लिए करें इन मंत्रों का जाप

Maa laxmi

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

सुबह को शुभ और सकारात्मक बनाने के लिए हमारे धर्म में कई उपाय बताए गए हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण उपाय है मंत्रोच्चार। अगर आप भी सुबह-सुबह उठकर यह सोचते हैं कि ऐसा क्या किया जाए जिससे आपका पूरा दिन अच्छा गुजरे, तो यह लेख आपकी मदद करेगा।

मंत्रों में अद्भुत शक्ति होती है और यही कारण है कि हिंदू धर्म में सुबह उठते ही मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि इन मंत्रों के नियमित जाप से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन की समस्याएं भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। आइए जानते हैं वे खास मंत्र जिन्हें सुबह उठते ही पढ़ने से जीवन में सफलता और शांति प्राप्त होती है।

1. कराग्रे वसते लक्ष्मी:

कराग्रे वसति लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्द: प्रभाते करदर्शनम।

अर्थ:
रोजाना सुबह आंखें खोलते ही सबसे पहले अपने हाथों की हथेलियों को देखना चाहिए और इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के अनुसार, हाथों के अग्रभाग में देवी लक्ष्मी, मध्य में देवी सरस्वती और हाथों के मूल में भगवान गोविंद (विष्णु) का वास होता है। यह मंत्र धन, ज्ञान और सफलता के आशीर्वाद की प्राप्ति कराता है।

2. भूमिवंदन मंत्र

समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमंडले, विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्व मे।

अर्थ:
यह मंत्र धरती माता को समर्पित है। सुबह उठते ही धरती पर पैर रखने से पहले इस मंत्र का जाप करना चाहिए। यह मंत्र उस धरती माता से क्षमा मांगने का प्रतीक है जो हमें अन्न, जल और जीवन के लिए आवश्यक वस्तुएं प्रदान करती हैं। इस मंत्र से अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती।

3. सर्वाबाधा विनाशक मंत्र

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वित: मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यतिं न संशय:।

अर्थ:
यह मंत्र हमें यह विश्वास दिलाता है कि माता के आशीर्वाद से सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में धन, धान्य और संतान की प्राप्ति होती है। यह मंत्र न केवल आर्थिक समृद्धि देता है, बल्कि जीवन में समस्त इच्छाओं की पूर्ति का वादा भी करता है।

4. शक्ति स्तुति मंत्र

सर्वमंगल मांगल्यै शिव सवार्थ साधिके, शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तु ते।

अर्थ:
यह मंत्र देवी दुर्गा की स्तुति करता है। इसे पढ़ने से जीवन में शक्ति और सफलता मिलती है। देवी गौरी (मां दुर्गा) जीवन में सबका मंगल और कल्याण करती हैं। यह मंत्र बताता है कि देवी त्रियंबके (तीन नेत्रों वाली), भगवान शिव की अर्धांगिनी हैं और उनकी शरण में आने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

निष्कर्ष

सुबह का समय अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है और इस समय किए गए शुभ कार्य पूरे दिन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इन मंत्रों का जाप न केवल आपके दिन को शुभ बनाएगा बल्कि आपको मानसिक शांति और जीवन में सफलता भी प्रदान करेगा। इसलिए, हर सुबह इन मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव का अनुभव करें।

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।