Mata Parvati aarti: प्रेम, शक्ति और सुख-समृद्धि के लिए करें देवी पार्वती की पूजा

माता पार्वती हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं, जिन्हें शक्ति, प्रेम और सौंदर्य की देवी माना जाता है। वे भगवान शिव की अर्धांगिनी और गणेश जी की माता हैं। माता पार्वती को ‘अन्नपूर्णा’, ‘दुर्गा’, और ‘शक्ति’ के रूप में भी पूजा जाता है। उनकी आराधना करने से भक्तों को साहस, धैर्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। माता पार्वती की पूजा विशेष रूप से महिलाओं द्वारा की जाती है, जो सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए उन्हें नमन करती हैं। ऐसी मान्यता है कि माता पार्वती की कृपा से सभी कष्टों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है।

माता पार्वती की आरती में उनकी महिमा और शक्ति का गुणगान किया जाता है, जिससे उनके भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। उनकी आरती विशेष रूप से शुक्रवार और नवरात्रि के दिनों में की जाती है। आरती के समय दीप प्रज्वलित कर माता पार्वती को भोग चढ़ाया जाता है और उनके आशीर्वाद की कामना की जाती है। माता पार्वती की आरती उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान को व्यक्त करने का एक माध्यम है, जिससे भक्त उनके आशीर्वाद से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करते हैं।

आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!

See also  Shiv tandav stotram: मन को शांति और अच्छाई देने वाला स्तोत्र

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता!
जय पार्वती माता जय पार्वती माता!

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता

सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!
सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!

देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता!

जय पार्वती माता जय पार्वती माता!
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता!
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता!

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *