वाराणसी। भारतीय मजदूर संघ के 21वें अखिल भारतीय अधिवेशन में जगन्नाथ पुरी में किए गए आह्वान के क्रम में भारतीय मजदूर संघ वाराणसी द्वारा आज वाराणसी में विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने शास्त्री घाट, वरुणा पुल से जिला मुख्यालय तक जुलूस निकालते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के विरुद्ध अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री, श्रम मंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी को सौंपा गया।विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विभाग प्रमुख राकेश पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में रेलवे बीएलडब्ल्यू, विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य, भेल, ग्रामीण बैंक, राजकीय मुद्रणालय, आशा, आंगनवाड़ी, पोस्टल, चिकित्सा, वाणिज्य, ऑटो रिक्शा, रेहड़ी-पटरी सहित विभिन्न संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।

प्रमुख रूप से विशेश्वर राय, डॉ. दूधनाथ, रामकृष्ण गुप्ता, राजीव सिंह, राधा बल्लभ त्रिपाठी, कृष्ण मोहन तिवारी, राजेश सिंह, नवीन सिन्हा, गोविंद प्रसाद, बैरागी यादव, आलोक मिश्रा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की पुनर्बहाली, विद्युत विभाग के पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल के निजीकरण पर रोक, संविदा कर्मियों के उत्पीड़न की समाप्ति, 50% पदों की कटौती वापस लेने, श्रम कानूनों का सख्त एवं सार्वभौमिक क्रियान्वयन, औद्योगिक संबंध संहिता-2020 एवं व्यवसायिक सुरक्षा संहिता-2020 में संशोधन, भारतीय श्रम सम्मेलन की शीघ्र बैठक, स्कीम वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि, एनएचएम की वेतन विसंगतियों का समाधान, सार्वजनिक उपक्रमों में लंबित वेतन भुगतान, बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹7,500 करने, ESI-EPF कवरेज विस्तार तथा अनुबंध एवं योजना कर्मियों का नियमितीकरण शामिल हैं।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. दूधनाथ ने किया, धन्यवाद ज्ञापन संभाग प्रमुख रामकृष्ण ने दिया तथा समापन की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर राय ने की। संघ ने केंद्र व राज्य सरकारों से श्रमिक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।









