नवरात्रि का चौथा दिन इस दिन मां कुष्मांडा ए की पूजा के लिए समर्पित है इन्हें हम अष्टभुजा देवी भी कहते हैं क्योंकि उनके आठ भुज है और इन्हें योग ध्यान और शक्ति की देवी माना जाता है जीवन में सकारात्मक और समृद्धि का संचार होता है मानता है कि इनकी आराधना करने से हर एक प्रकार के मानसिक और शारीरिक परेशानियों से मुक्ति मिलता है हम इस दिन खास रूप से सफेद कद्दू का भोग लगाकर माता को प्रसन्न कर सकते हैं क्योंकि यह फल मां को बहुत पसंद है।
सफेद कद्दू जिसे हम पेठा भी करते हैं इससे बने हलवे का भोग लगाने की परंपरा है मां कुष्मांडा को या भोग लगाने लगाने से हमें आशीर्वाद मिलता है और हमारे जीवन में सुख शांति की भी प्राप्ति होती है इस खास दिन पर घर में बने इस हलवे से माता को भोग लगाना बहुत शुभ मानते हैं सफेद कद्दू का हलवा बनाना न केवल आसान है बल्कि इसका स्वाद भी बहुत लाजवाब होता है तो लिए हम जानते हैं इसे बनाने का आसान विधि।
नवरात्री के चौथे दिन से सम्बंधित मुख्य बिंदु:
- नवरात्रि के चौथे दिन हमारी मां की पूजा का खास महत्व है।
- सफेद कद्दू का भोग चढ़ाने से माता रानी होती है बहुत प्रसन्न।
- जाने सफेद कर दो पेठा का हलवा बनाने का सरल रेसिपी।
मां कूष्मांडा की महिमा और पूजा का महत्व
शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा के उपासना को किया जाता है या दिन खास तौर पर हमारे लिए बहुत शुभ है मां कुष्मांडा को अष्टभुजा धारी देवी भी कहा गया है क्योंकि उनके पास आग बुझा है उन्हें योग और ज्ञान की देवी भी माना जाता है और उनकी पूजा से मानसिक और शारीरिक शांति भी मिलता है ऐसा मानता है की मां कुष्मांडा की कृपा से जीवन में सुख समृद्धि और संतोष का आगमन होता है।
मां को सफेद कद्दू खास रूप से पसंद है जिसे हम आमतौर पर बैठा भी कहते हैं नवरात्र के इस खास दिन पर बैठे सब बने हलवे का भोग माता रानी को चढ़ाने से वह बहुत ज्यादा प्रसन्न होती है और अपने भक्तों पर आशीर्वाद का बारिश भी करती है तो लिए हम जानते हैं कि फेसबुक को घर पर कैसे बना सकते हैं और दिमाग कुष्मांडा को चढ़ा सकते हैं।
सफेद कद्दू का हलवा: एक पारंपरिक प्रसाद
मां कुष्मांडा को चढ़ाए जाने वाला सफेद कद्दू का हलवा ना केवल पूजा के लिए पवित्र है बल्कि स्वाद में भी लाजवाब बताइए हवा बहुत आसान सामग्री से तैयार किया जाता है और इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है अगर हम इस पर नवरात्रि के चौथे दिन मां को प्रसन्न करना चाहते हैं तो सफेद कद्दू के हलवे का भी भोग चढ़ाएंगे।
हलवा बनाने की सामग्री:
- – एक कप सफेद कद्दू (पेठा) घिसा हुआ
- – आधा कप चीनी
- – दो बड़ा चम्मच देसी घी
- – 8-10 धागे केसर के
- – एक छोटी चम्मच इलायची पाउडर
- – 8-10 काजू
- – मनपसंद सूखे मेवे (बादाम, किशमिश आदि)
सफेद कद्दू का हलवा बनाने की विधि
- कद्दू तैयार करें: सबसे पहले हम हम सफेद कद्दू को अच्छे तरह से धूल लेंगे इसके बाद कद्दू को कद्दू कस कर लेंगे ध्यान में रखेंगे की कद्दू काला ना पड़े इसके लिए हम उसे खींचने के बाद कुछ देर पानी में डालकर छोड़ देंगे।
- कद्दू को भूनें: अब एक मोटे तले वाली कढ़ाई में देसी घी को गर्म करेंगे उसके बाद घिसे हुए कद्दू को पानी से अच्छे तरह से निचोड़ करके कढ़ाई में डाल देंगे और मध्यम आज में सुनहरा होने तक घूमते रहेंगे इस ढककर कुछ देर रहने देंगे ताकि कद्दू अच्छे तरह से नरम हो जाए।
चीनी डालें और पकाएं: जब कद्दू पूरा तरह से पक जाएगा और घी छोड़ते लगेगा तब हम इसमें चीनी डालेंगे चीनी को डालने के बाद मिश्रण को तब तक चलते रहेंगे जब तक चीनी पूरे तरह से भूल नहीं जाएगा और हवा गधा ना हो जाए चीनी को जल्दी डालने से कद्दू कच्चा रह जाता है इसलिए हम ध्यान रखेंगे कि पहले कद्दू अच्छी तरह से पकने दे।
केसर और इलायची डालें: जब हवा गाढ़ा होने लगेगा तब हम इसमें केसर के धागे, इलायची पाउडर और काजू को डालेंगे फिर काजू को पहले से घी में हल्का सा भून लेंगे ताकि वह हलवे में और अधिक स्वादिष्ट लगे लगे इसके अलावा हम अपने पसंद के अनुसार बादाम किशमिश या अन्य सूखे हुए मेरे को भी डाल सकते हैं।
हलवा तैयार: अब हम टेस्टी और पौष्टिक सफेद कद्दू का हलवा तैयार कर लिए हैं इसे अब हम मां कुष्मांडा को चढ़ा सकते हैं और फिर प्रसाद के रूप में परिवार को और मित्रों के साथ बांट सकते हैं।
सफेद कद्दू के हलवे का धार्मिक और स्वास्थ्य महत्व
सफेद कद्दू का हलवा ना सिर्फ पूजा में खास महत्व रखता है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है सफेद कद्दू में प्रचुर मात्रा में पानी विटामिन और मिनरल्स भी होते हैं जो कि शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है यह हवा नवरात्रि के व्रत के समय ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना गया है इसमें देसी घी और सुख मयों की मौजूद से इसका पोषण मूल्य और भी बढ़ जाता है। ध्यान में रखना है कि इस प्रसाद को बनाने के समय शुद्धता और पवित्रता का खाद ध्यान रखना है ताकि माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त हो सके।
भोग के पीछे की मान्यता और महत्त्व
माँ कुष्मांडा की पूजा में भोग का खास महत्व है यह कहा जाता है की मां को सफेद कर दो का भोग चढ़ाने से न सिर्फ माता रानी प्रसन्न होती हैं बल्कि उनके भक्त की जितनी भी इच्छा होती है वह पूरी होती है जो भी व्यक्ति मन से अपनी मां की उपासना करेगा और उन्हें यह भोग चढ़ाएगा तो उसके जीवन में सुख समृद्धि और आरोग्य का आगमन होगा सफेद कद्दू के हलवे का भोग चढ़ाना मां कुष्मांडा के लिए खास रूप से पवित्र माना गया है क्योंकि यह उन्हें बहुत ज्यादा पसंद है।
व्रतधारी भक्तों के लिए पौष्टिक विकल्प
नवरात्रि के समय कई लोग व्रत रखते हैं और सफेद कद्दू का हलवा उनके लिए उत्तम पौष्टिक ऑप्शन साबित हो सकता है या हवा व्रत के समय ऊर्जा प्रदान करता है और हमारे शरीर को पोषण भी देता है इसमें देसी घी और सूखे हुए मेवे के वजह से इसकी पौष्टिकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है जो की व्रत के समय बहुत जरूरी होता है।
नवरात्रि की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने वाला प्रसाद
नवरात्रि केवल व्रत और हम जैसे भक्तों का पर्व नहीं है बल्कि या आत्म शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को भी जागृत करने का समय है ऐसे में मन कुछ मंदा को भोग लगाना हमारे लिए अत्यधिक ऊर्जा को बढ़ा सकता है सफेद कद्दू का हलवा चढ़ाने से हमारे घर में सुख समृद्धि और शांति का वास होगा।








