बलिया। 27 फरवरी 2026 को चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस के अवसर पर टी.डी. कॉलेज चौराहा स्थित मुरली मनोहर उपवन एवं सांस्कृतिक केंद्र के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व मालवीय मुरली बाबू के पुराने साथी, 85 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी श्रीरामजी ठाकुर ने किया। इस दौरान शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी ठाकुर ने बताया कि हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई अनुमोदित मांगों के संबंध में पत्र भेजा गया था, जिसमें शीघ्र घोषणा एवं क्रियान्वयन का अनुरोध किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र का संज्ञान लेते हुए शासन एवं प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो सभी के लिए हर्ष का विषय है।
अनुमोदित मांगों में 19 अगस्त बलिया बलिदान दिवस को राष्ट्रीय मान्यता प्रदान करना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, नई पेंशन योजना व यू.पी.एस. को निरस्त करना, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण, शोधार्थियों को ₹25,000 प्रतिमाह शोधवृत्ति, आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करना तथा मुरली मनोहर के नाम पर केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है।
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (AIFUCTO) के आजीवन सदस्य एवं संरक्षक तथा टी.डी. कॉलेज के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त ने कहा कि इन मांगों के क्रियान्वयन को लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर प्रयास जारी हैं और अब केवल प्रधानमंत्री द्वारा औपचारिक घोषणा शेष है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी, जिससे कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी और आमजन लाभान्वित होंगे।
समाजसेवी घूराराम ने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से लगातार संपर्क हो रहा है और जल्द ही घोषणा की संभावना व्यक्त की गई है। प्रेस वार्ता के अंत में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी व्यक्त की तथा धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर घूराराम, जाकिर हुसैन, अजय कुमार गुप्ता, राज अहमद, बब्बन यादव, संजय राय, डॉ. फतेह चंद ‘बेचैन’, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. संतोष यादव, जितेंद्र यादव, विनय पांडेय, सत्यवीर ओझा, गोरख प्रजापति, नंदू वर्मा, सीताराम सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
संजय सिंह रिपोर्टर बलिया








