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“जन्मजात बीमारी से जूझ रहे बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, RBSK बना सहारा”

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिल रहा मुफ्त इलाज

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश और मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल का काम किया जा रहा है। इस योजना के जरिए जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका इलाज बिल्कुल मुफ्त कराया जा रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी की आरबीएसके टीम—डॉ. शम्सुल इस्लाम, डॉ. उदीशा गुप्ता और डॉ. योगेश प्रताप सिंह—आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में बच्चों की नियमित जांच कर रही है। अब तक कटे होंठ और तालु की समस्या से पीड़ित छह बच्चों का वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में मुफ्त ऑपरेशन कराया जा चुका है।

इसी कार्यक्रम के तहत सिखड़ी गांव निवासी प्रेमचंद की बेटी अनन्या की पहचान भी समय रहते की गई। जन्म से ही उसका पैर गलत दिशा में मुड़ा हुआ था। इलाज के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है।

आरबीएसके के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारियां, पोषण की कमी और विकास में देरी जैसी 32 तरह की स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की जाती है। टेढ़े पंजे (क्लब फुट) से पीड़ित बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी बच्चा समय पर इलाज से वंचित न रहे।

गाज़ीपुर ब्यूरो चीफ : संजय यादव

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