नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने के बीच Mukesh Ambani की कंपनी Reliance Industries ने मार्च डिलीवरी के लिए कम से कम 6 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस ने रूस के फ्लैगशिप ग्रेड Urals crude oil का कार्गो डेटेड ब्रेंट के मुकाबले 1 डॉलर के डिस्काउंट से लेकर 1 डॉलर के प्रीमियम तक की कीमत पर खरीदा है। हालांकि इस सौदे को लेकर रिलायंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले सप्ताह Washington, D.C. ने भारत को 5 मार्च तक जहाजों पर लदे कार्गो के लिए पाबंदियों से 30 दिन की छूट दी थी। इसके बाद भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने समुद्र में फंसे लाखों बैरल रूसी तेल के कार्गो खरीदना शुरू कर दिया।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी कुल जरूरत का करीब 40 प्रतिशत कच्चा तेल Middle East से Strait of Hormuz के रास्ते आयात करता है। वर्ष 2022 में Russia-Ukraine War शुरू होने के बाद भारत रूस से समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था, हालांकि जनवरी में वॉशिंगटन के दबाव के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने इसकी खरीद में कुछ कमी की थी।
इस बीच मंगलवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली। Donald Trump ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में लंबे समय तक बाधा की आशंका कम हो गई है। इससे पहले सोमवार के कारोबारी सत्र में क्रूड ऑयल के दाम तीन साल से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे।







