वाराणसी । 13 अप्रैल 2026: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ 24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर नोएडा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा किया गया। इसी क्रम में वाराणसी जनपद में माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय ने बताया कि जनपद के 331 चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से विशेष कैंप लगाकर सघन जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि 24 मार्च से अब तक 14 एक्स-रे कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 1295 लोगों की जांच की गई। जांच में 281 व्यक्तियों के एक्स-रे असामान्य पाए गए, जिनमें से 120 लक्षणयुक्त लोगों के बलगम सैंपल नाट मशीन से जांच हेतु भेजे गए। जांच के बाद 16 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। इन कैंपों में एक्स-रे के साथ ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन की भी जांच की जा रही है।
अगले सप्ताह से अभियान का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि जन-जागरूकता के लिए राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से 1 जनवरी 2026 से अब तक 125 विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 12,900 छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को जागरूक किया गया है।
डॉ राय ने बताया कि वर्ष 2025 में 387 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। वहीं 2026 में अब तक लगभग 1.65 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा गया है। “टीबी मुक्त भारत” ऐप के जरिए मरीजों को दवा सेवन की याद, जानकारी और मार्गदर्शन की सुविधा भी मिल रही है।










