जनपद बलिया : आज दिनांक- 05.02.2026 को पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह द्वारा थाना गड़वार का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना भवन, परिसर में बने मेस तथा बैरकों का निरीक्षण किया गया।

इसके साथ ही थाना मालखाना व, थाना कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों जैसे- (अपराध रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद, एच.एस, महिला उत्पीड़न, हत्या बलवा, गुमशुदा, पासपोर्ट) आदि रजिस्टरों की गहनता से अवलोकन कर संबन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।

महिला सुरक्षा केंद्र-
पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना गड़वार के महिला सुरक्षा केन्द्र पर कार्यरत कर्मियों से पूछताछ करते हुए उनके किये गये कार्यों व रजिस्टर में की गयी एन्ट्री को चेक किया गया तथा रजिस्टर में अंकित शिकायत कर्ताओं के मोबाइल नम्बरों पर फोन से वार्ता कर उनसे पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही से संतुष्ट अथवा असंतुष्ट का फीड बैक लिया गया।

कंप्यूटर कक्ष-
कंप्यूटर/सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण करते हुए सीसीटीएनएस कर्मचारियों से CCTNS के सभी फार्मो की फीडिंग के बारे में पूछताछ की गयी तथा संबन्धित कर्मियों को (पंजीकरण, गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती, आनलाइन केस डायरी, जीडी आदि) की समय से फीडिंग व समय पर थाने का डाटा सिंक करवाने तथा आनलाइन IGRS से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समय से निस्तारण करवा कर जांच आख्या समय से अपलोड करने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे एक भी प्रार्थना पत्र डिफाल्टर न हो सके तथा प्रदेश में जनपद बलिया का रैंक अच्छा हो सके।

सीसीटीवी कैमरा 24×7 चलता रहे-
थाना गड़वार परिसर व कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के बारे में भी जानकारी की गयी, किसी भी दशा में सीसीटीवी की पावर सप्लाई बन्द न हो, बिजली चले जाने पर जनरेटर या इनवर्टर की सप्लाई दी जाए।

यक्ष ऐप को रखे अपडेट-
यक्ष (YAKSH) एप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 2026 में लॉन्च किया गया एक उन्नत AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य अपराधियों पर रियल-टाइम निगरानी और अपराध नियंत्रण को मजबूत करना है। इसमें अपराधियों का डेटाबेस, फेस रिकग्निशन, वॉयस सर्च और गैंग एनालिसिस जैसी तकनीकें शामिल हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और त्वरित होगी।

साइबर क्राइम (Cyber Crime)-
साइबर क्राइम (Cyber Crime) इंटरनेट या डिजिटल उपकरणों (कंप्यूटर, स्मार्टफोन) का उपयोग करके की जाने वाली एक अवैध गतिविधि है, जिसका उद्देश्य वित्तीय चोरी, निजी जानकारी चुराना या नुकसान पहुँचाना होता है। यह हैकिंग, फ़िशिंग, वित्तीय धोखाधड़ी (OTP धोखाधड़ी) और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे रूपों में हो सकता है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी पुलिसकर्मीयों व आमलोगों को जागरुक करने हेतु संबंधित अधि0/कर्म0 को निर्देशित किया गया।

IRAD ऐप की फीडिंग-
किसी भी थाना क्षेत्र में हुए एक्सीडेन्ट की घटना की डिटेल फोटो सहित इस ऐप के माध्यम से फीड की जाती है । जिसके संबन्ध में समय से अपडेट करने हेतु निर्देशित किया गया।

112 इवेन्ट क्लोजर की समय से करे फीडिंग-
डायल 112 पर प्राप्त शिकायतों (इवेन्ट्स) पर पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही की फीडिंग की जाती है जिसके संबन्ध में समय से पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही की फीडिंग हेतु निर्देशित किया गया। सभी अधि0/कर्म0गण को थाना परिसर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा कार्यालय के सभी रजिस्टरों के सुसंज्जित ढंग से रख-रखाव करने तथा कम्प्यूटर संबन्धी उपकरणों के साथ-साथ, शस्त्रागार में रखे शस्त्रो की अच्छी तरह से देख रेख हेतु निर्देशित किया गया।






