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नगर निगम वाराणसी में अब टेंडर प्रक्रिया, खरीद व स्टॉक प्रबंधन की होगी सूक्ष्मता से जांच

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महापौर व नगर आयुक्त ने किया डंपिंग यार्ड का निरीक्षण, दिया ‘जीरो वेस्ट’ और बेहतर निगरानी पर बल

संसाधनों के रख-रखाव में खामियों को देखते हुए सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश

उच्चस्तरीय समिति करेंगी ​​यार्ड में खड़े वाहनों के पुर्जों की कमी व मरम्मत बिलों में विसंगतियों की पड़ताल

वाराणसी। ​नगर निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया।


इस दौरान महापौर ने संसाधनों के रख-रखाव में पाई गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सेवा के लिए उपलब्ध मशीनरी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।


​​निरीक्षण के दौरान यह संज्ञान में आया कि कुछ नई गाड़ियां और मशीनें, जिनमें जेसीबी, ई-कबाड़ वाहन और टाटा एसई शामिल हैं, तकनीकी रिपोर्ट के अभाव में यार्ड में खड़ी हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि किसी भी वाहन को ‘कबाड़’ घोषित करने से पहले विशेषज्ञ तकनीकी रिपोर्ट अनिवार्य की जाए।


उन्होंने कहा कि गोल्फ कार्ट और स्वीपर मशीनों जैसे कीमती संसाधनों को मामूली मरम्मत के बाद पुनः सड़कों पर उतारा जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके।​​यार्ड में खड़े वाहनों के पुर्जों की कमी और मरम्मत बिलों में विसंगतियों को देखते हुए महापौर ने एक विशेष उच्चस्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है। यह समिति टेंडर प्रक्रिया, खरीद और स्टॉक प्रबंधन की सूक्ष्मता से जांच करेगी।


महापौर ने कहा, कि संसाधनों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मरम्मत के नाम पर वित्तीय अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। दरअसल महापौर के निर्देश पर उप सभापति ​पार्षद नरसिंह दास की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने गत 22 व 23 जनवरी को डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया था।


समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि नगर निगम की संपत्तियों की अब डिजिटल निगरानी की जाएगी। 2022 में खरीदे गए ई-कचरा वाहनों के लिए ड्राइवरों की कमी को दूर कर उन्हें तत्काल प्रभाव से संचालन में लाने की योजना बनाई गई है।

नगर आयुक्त ने संसाधनों के ‘लाइफ साइकिल’ पर नजर रखने का निर्देश दिया है ताकि जनता के टैक्स के पैसे का सदुपयोग हो और शहर की सफाई व्यवस्था देश में मिसाल बने। निरीक्षण के दौरान उप सभापति नरसिंह दास, पार्षद सुरेश चौरसिया, हनुमान प्रसाद, प्रवीन राय सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि “हमारा लक्ष्य नगर निगम की संपत्तियों का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित करना है। संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होगी। हम वाराणसी को एक स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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