मीरजापुर। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को पुलिस लाइन मीरजापुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षिका गायत्री यादव की उपस्थिति में प्रशिक्षु पुलिस जवानों को टीबी, एचआईवी एवं कैंसर जैसे गंभीर रोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान सीओ गायत्री यादव ने उपस्थित जवानों को स्वास्थ्य विभाग की टीम से परिचित कराते हुए कहा कि टीबी, एचआईवी और कैंसर जैसी बीमारियां समाज के लिए बड़ी चुनौती हैं। इनसे बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक है, ताकि समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को रोका जा सके।
क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने जवानों को टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा जांच और उपचार की सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो उसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करना पुलिसकर्मियों का महत्वपूर्ण दायित्व है।
पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर दुर्गेश कुमार रावत ने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के विषय में जानकारी दी। साथ ही कैंसर के लक्षण, बचाव और उपचार पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में एचआईवी काउंसलर अपर्णा त्रिपाठी ने एचआईवी और एड्स के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के प्रारंभिक तीन माह में एचआईवी जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि संक्रमण की स्थिति में नवजात को सुरक्षित रखा जा सके।
कार्यक्रम में अखिलेश कुमार पांडेय, पंकज सिंह, अवध बिहारी कुशवाहा, प्रतिक, नीरज और आकाश यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।









