
वैष्णो माता, जिन्हें माता रानी और माता वैष्णो देवी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में प्रमुख देवियों में से एक हैं। वे शक्ति, करुणा और भक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं और त्रिकूट पर्वत पर स्थित उनके मंदिर में हर साल लाखों भक्त उनकी दर्शन और आराधना के लिए आते हैं। माता वैष्णो देवी की पूजा से भक्तों को मानसिक शांति, साहस, और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है। भक्त मानते हैं कि माता वैष्णो देवी की आराधना करने से उनके जीवन में सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति मिलती है।
वैष्णो माता की आरती भक्तों के लिए उनकी महिमा का गुणगान करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। सुबह और शाम के समय विशेष रूप से वैष्णो माता की आरती की जाती है, जिसमें श्रद्धालु दीप जलाकर और भजन-कीर्तन करते हैं। इस आरती के माध्यम से भक्त माता से आशीर्वाद, शांति, और सुरक्षा की कामना करते हैं। मान्यता है कि वैष्णो माता की आरती में शामिल होकर और उनके प्रति भक्ति भाव रखते हुए भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार होता है।
आरती
जय वैष्णवी माता;
मैया जय वैष्णवी माता |
हाथ जोड़ तेरे आगे;
आरती मैं गाता ||
|| जय वैष्णवी माता..||
शीश पे छत्र विराजे;
मूरतिया प्यारी |
गंगा बहती चरनन;
ज्योति जगे न्यारी ||
|| जय वैष्णवी माता..||
ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे,
शंकर ध्यान धरे |
सेवक चंवर डुलावत;
नारद नृत्य करे ||
|| जय वैष्णवी माता..||
सुन्दर गुफा तुम्हारी;
मन को अति भावे |
बार-बार देखन को;
ऐ माँ मन चावे ||
|| जय वैष्णवी माता..||
भवन पे झण्डे झूलें;
घंटा ध्वनि बाजे |
ऊँचा पर्वत तेरा;
माता प्रिय लागे ||
|| जय वैष्णवी माता..||
पान सुपारी ध्वजा नारियल,
भेंट पुष्प मेवा |
दास खड़े चरणों में;
दर्शन दो देवा ||
|| जय वैष्णवी माता..||
जो जन निश्चय करके;
द्वार तेरे आवे ||
उसकी इच्छा पूरण;
माता हो जावे ||
|| जय वैष्णवी माता..||
इतनी स्तुति निश-दिन;
जो नर भी गावे |
कहते सेवक ध्यानू,
सुख सम्पत्ति पावे ||
जय वैष्णवी माता;
मैया जय वैष्णवी माता |
हाथ जोड़ तेरे आगे;
आरती मैं गाता ||

Neha Patel is a content and news writer who has been working since 2023. She specializes in writing on religious news and other Indian topics. She also writes excellent articles on society, culture, and current affairs.