वाराणसी: सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें आयुष्मान भारत योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रखर कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड की प्रगति पिछले 10 दिनों में संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव, पिंडरा और हरहुआ के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए आयुष्मान सेल के कर्मियों और बड़ागांव के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक जनपद के सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन जाते, तब तक कर्मियों का मानदेय जारी नहीं किया जाएगा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए डीएम ने हीट वेव से बचाव के लिए अस्पतालों में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। वार्डों में कूलर और एसी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया।
वहीं, सीडीओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में क्षमता के अनुसार 100% बच्चों के भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों के संदर्भन में लापरवाही न बरतने को कहा गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में टीबी नोटिफिकेशन दर बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं की चार प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करने और आरबीएसके व सबल काशी पोर्टल पर पंजीकृत बच्चों के शीघ्र उपचार के निर्देश दिए गए।









