बांसडीह । गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र जारी करने में कथित लापरवाही और शासनादेश की अनदेखी के विरोध में ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) के बैनर तले बांसडीह तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरना जारी है। आंदोलनकारी प्रमुख सचिव, समाज कल्याण अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन के 3 नवम्बर 2021 के स्पष्ट निर्देशों के पालन की मांग कर रहे हैं, जिसमें भू-राजस्व अभिलेखों 1356 व 1359 फसली के आधार पर गोंड जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने का प्रावधान है।
धरने को समर्थन देते हुए पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं छात्र नेता नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन शासनादेश, संविधान और राष्ट्रपतीय राजपत्र की अवहेलना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन बार-बार निरस्त किए जा रहे हैं, जिससे गोंड छात्र-छात्राएं प्रवेश, छात्रवृत्ति और सरकारी नौकरियों के अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि आजादी पूर्व के राजस्व अभिलेखों 1345, 1356 और 1359 फसली में गोंड जाति का स्पष्ट उल्लेख मौजूद है, फिर भी अधिकारियों द्वारा उसकी अनदेखी की जा रही है। आगसा के तहसील संयोजक बिट्टू गोंड ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और उग्र करते हुए “जेल भरो आंदोलन” शुरू किया जाएगा।
धरने में कई छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग शामिल होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं।







