बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरदार एंट्री करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला। बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हालात और विकास मॉडल पर गंभीर सवाल उठाए।
सभा में योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन के दौरान बंगाल में अराजकता और हिंसा का माहौल रहा है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमलों और हत्याओं का जिक्र करते हुए सुमन, स्वरूप घोष, पलाश घोष और उत्पल दास के मामलों को “गुंडागर्दी” का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि “वामपंथी और तृणमूल के गुंडों का इलाज केवल भाजपा सरकार के पास है।”
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और अब पश्चिम बंगाल में भी “डबल इंजन सरकार” बनाकर राज्य को विकास और सुरक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की जीत से “खेला” खत्म होगा और विकास की नई शुरुआत होगी।
सभा के दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों—दिबाकर घरामी, निर्मल धारा और बिलेश्वर सिंघा—के समर्थन में वोट की अपील की। साथ ही बांग्लादेश में दलित हिंदू की हत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति के कारण चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने रवींद्रनाथ ठाकुर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, खुदीराम बोस, सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों को याद करते हुए कहा कि यह धरती कभी भारत की आत्मा और शक्ति का केंद्र रही है, लेकिन आज इसकी स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले वहां भी अराजकता और दंगे आम थे, लेकिन अब कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि “तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण” की नीति से विकास संभव हुआ है।
अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की मौजूदा स्थिति दुखद है, लेकिन जनता के सहयोग से राज्य एक बार फिर अपने गौरवशाली अतीत की ओर लौट सकता है। उन्होंने लोगों से बदलाव के लिए आगे आने और सुरक्षित, समृद्ध तथा विकसित बंगाल के निर्माण में भागीदार बनने की अपील की।











