सर्किट हाउस में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने की समीक्षा बैठक, सफाई और सुंदरीकरण पर दिया जोर
सड़कों पर निर्माण सामग्री (मलबे) मिलने पर जताई नाराजगी, दुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्य
नगर आयुक्त ने ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (क्यूआर) के गठन और शहर के विकास कार्यों का दिया ब्यौरा
वाराणसी। स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने का लक्ष्य है। इसकी निगरानी शासन स्तर पर भी की जा रही है। इस क्रम नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि किसी भी जोन में कूड़ा मिला या सफाई में ढिलाई बरती गई, तो संबंधित जोनल अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि जोनों के सुंदरीकरण की जिम्मेदारी भी जोनल अधिकारियों की है। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों की पटरियों और पेड़ों के आसपास अनिवार्य रूप से इंटरलॉकिंग कराई जाए।

उन्होंने सड़कों के किनारे बेतरतीब पड़े पत्थर और ईंटों को ठीक कराने हेतु निर्देशित किया गया और कहा गया पर कि इनसे दुर्घटना का भय बना रहता है, इन्हें तत्काल व्यवस्थित किया जाए।
नगर विकास मंत्री ने सड़कों और गलियों में पड़े भवन निर्माण के मलबे (सीएंडडी वेस्ट ) और ईंट-बालू को गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर मलबा नहीं दिखना चाहिए, इसे हटाने का तत्काल इंतजाम करें।
साथ ही, सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी दुकान पर डस्टबिन नहीं मिला, तो जोनल अधिकारी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने ‘पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन’ के माध्यम से शहर की विकास योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सफाई और सुंदरीकरण के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (क्यूआरटी) गठित की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। वहीं, महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि नगर निगम अब समग्र विकास पर ध्यान दे रहा है, जिसके तहत डोमरी में ‘मियावाकी वन’ तैयार किया जा रहा है। मंत्री ने इस पहल की सराहना की।
बैठक में नगर विकास विभाग के सचिव रविंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संगम लाल, संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र आनंद, जोनल अधिकारी कृष्ण चंद्र, मुख्य अभियंता आरके सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कुमार असीम रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









