गाजीपुर। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाकड़पुर गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक ही परिवार के 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और युवतियां भी शामिल हैं। घायलों के सिर फटने से वे लहूलुहान हो गए, जबकि कुछ लोग बेहोश भी हो गए।
न्यायालय में लंबित है जमीन विवाद
पीड़ित पक्ष के अनुसार प्रार्थी राजनरायन यादव, पुत्र स्वर्गीय रामचंदर यादव, ग्राम पाकड़पुर के निवासी हैं और आराजी संख्या 05, 12, 16, 17, 22 व 28 के सह-खातेदार एवं संक्रमणीय भूमिधर हैं। इन आराजियों को लेकर सहखातेदार राधेश्याम यादव द्वारा राजस्व संहिता अधिनियम 2006 की धारा 116 के अंतर्गत उपजिलाधिकारी सदर गाज़ीपुर के समक्ष वाद दायर किया गया है, जो वर्तमान में एएसडीओ गाज़ीपुर के न्यायालय में लंबित है। इसके अतिरिक्त एक मूल वाद सिविल न्यायालय (जूनियर डिवीजन) कक्ष संख्या-01, गाज़ीपुर में भी विचाराधीन है।
यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पहले से जारी
पीड़ित पक्ष ने बताया कि एएसडीओ गाज़ीपुर द्वारा वाद संख्या T202414291000401 में दिनांक 22 जनवरी 2025 को भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने एवं उसकी नवैयत (स्वरूप) न बदलने का स्पष्ट आदेश पारित किया गया है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष लगातार कब्जा करने और दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था।
जानलेवा हमले का आरोप
आरोप है कि सुबह विपक्षीगण संगठित होकर अवैध असलहे, धारदार हथियार, फरसा, रम्मा, दाव, टांगी और लाठी-डंडों के साथ प्रार्थी के परिवार पर टूट पड़े। इस हमले में अभिमन्यु यादव, सर्वदेव यादव, राधेश्याम यादव, जयराम यादव सहित कई नामजद पुरुष और महिलाएं शामिल बताई जा रही हैं। हमलावरों पर घर में घुसकर महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे किसी तरह परिवार की महिलाओं ने कमरों में बंद होकर अपनी जान और इज्जत बचाई।
कई लोग गंभीर रूप से घायल
हमले में आरती, अभिषेक, आदित्य, मीरा देवी, सविता देवी सहित कई लोगों के सिर फट गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। कुछ लोगों को मामूली चोटें भी लगी हैं। सभी घायलों का उपचार चल रहा है, जिस कारण तहरीर देने में देरी हुई।
सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि विपक्षीगण दबंग प्रवृत्ति के हैं और उन्हें पुलिस-प्रशासन का कोई भय नहीं है। पीड़ितों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने और सभी आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में कोतवाली गाज़ीपुर के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि जमीन विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि उक्त भूमि पर कोई भी पक्ष कोई कार्य नहीं करेगा। इसके बावजूद एक पक्ष द्वारा कार्य किए जाने पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो दिन पूर्व भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्यूरोचीफ: संजय यादव









