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UP News: होली तक चिकित्सकों और कर्मचारियों के अवकाश निरस्त, अपरिहार्य स्थिति में ही मान्य होगी छुट्टी

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UP News: होली तक सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक और कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। हालांकि, अपरिहार्य स्थिति में अवकाश मान्य होगा। सभी अस्पताल प्रभारियों को निर्देश स्वास्थ्य महानिदेशालय से मिले हैं। जरूरी दवाओं के इंतजाम इमरजेंसी में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

होली में आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार करने के निर्देश मिले हैं। इसमें नेत्र रोग, आर्थोपैडिक, फिजिशियन व सर्जन की ड्यूटी तय हो रही है।

अन्य विशेषज्ञों की जरूरत होने पर उन्हें ऑन कॉल बुलाया जाएगा, ताकि मरीजों को इलाज मिल सके। सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में दवा व रुई-पट़्टी के इंतजाम दुरुस्त रखने के लिए कहा गया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया सीएचसी में चिकित्सकों की ड्यूटी तय करने के साथ दवाओं के इंतजाम किए गए हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।