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चंदौली : फिल्मीअंदाज में घेरेबंदी कर पुलिस ने दो तस्करों को किया गिरफ्तार, 85 किलो गांजा बरामद

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चंदौली। मैदानी इलाको में पुलिस की कड़ी निगरानी को देखते हुए गांजा तस्करो ने अब जंगल के रास्ते होकर बिहार से यूपी में गांजा तस्करी का नया रुट तैयार किया है। लेकिन यहाँ भी तस्करो के मंसूबो पर पानी फिरता दिख रहा है। पुलिस ने गस्त के दौरान ततपरता दिखाते हुए फ़िल्मी अंदाज में घेराबंदी कर पिकअप वैन सहित 85 किलो 220 ग्राम गांजा बरामद किया। वहीं पुलिस ने दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है.

नौगढ़ सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि रात में मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप वैन पर अवैध गांजा लादकर बिहार से मथुरा जाने वाले हैं। सूचना पर नौगढ़ थाना प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर चकरघट्टा बॉर्डर के पास कहुअवा घाट पुल पर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान शाहपुर-मगरही मार्ग से एक तेज रफ्तार पिकअप वैन आती दिखी। पुलिस ने जब वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक तेजी से नौगढ़ की ओर भागने लगा।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पिकअप वाहन का पीछा किया और मलेवर मार्ग पर सेमरा कुसही पुलिया के पास घेराबंदी कर पिकअप वैन (DL1LAE 4794) को पकड़ लिया। इस दौरान पिकअप गाड़ी में बैठे तीन तस्कर धान के खेतों में कूदकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए दो तस्करों को पकड़ लिया। जबकि एक तस्कर भागने में कामयाब हो गया। पिकअप वैन से तीन बोरियों में 30 बंडल गांजा बरामद किया गया। जिसका कुल वजन 85 किलो 220 ग्राम था। गांजे की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजा और पिकअप वैन को अपने कब्जे में ले लिया है।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान नागेंद्र कुमार निवासी नगलारुंध, थाना व जनपद हाथरस और श्रवण कुमार निवासी डूमरकोन, थाना अधौरा, जिला कैमूर, भभुआ बिहार के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि कई सालों से बिहार के अधौरा इलाके से गांजा खरीदकर मथुरा के मठों में सप्लाई करते आ रहे थे। इसके अलावा वे गांजे के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर अन्य जगहों पर भी बेचते थे। तस्करी से होने वाली कमाई से वे अपने शौक पूरे करते थे।

वहीँ पुलिस ने फरार तस्कर की तलाश शुरू कर दी है। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कृपेंद्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, अभय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल शुभम पांडेय और संदीप यादव शामिल थे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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