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पंडित भोलानाथ प्रसन्ना की स्मृति में 6-7 अक्टूबर को होगा बांसुरी उत्सव का आयोजन

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वाराणसी: बनारस घराने के विश्व विख्यात बांसुरी वादक पंडित भोलानाथ प्रसन्ना की स्मृति में नई दिल्ली के कमानी सभागार में 6-7 अक्टूबर को दो दिवसीय संगीत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-दुनिया के चोटी के बांसुरी वादक जुटेंगे। इस आयोजन की जानकारी उनके शिष्य पंडित अजय प्रसन्ना ने वाराणसी स्थित अपने आवास पर मीडिया से साझा की।

उन्होंने बताया कि पंडित भोलानाथ प्रसन्ना भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत में बांसुरी वादन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बांसुरी पर अनेक नवाचार और प्रयोग किए, जिसके कारण यह वाद्ययंत्र आज विश्वभर में लोकप्रिय हो चुका है। उनकी संगीत साधना ने बांसुरी को एक नई पहचान दी। उनके शिष्य इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पंडित भोलानाथ प्रसन्ना ने अपने शिष्य के रूप में ऐसे महान कलाकारों को तैयार किया, जिन्होंने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। उनके प्रमुख शिष्य, पद्मभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित अजय प्रसन्ना, उनके संगीत की विरासत को आगे ले जा रहे हैं।

इस दो दिवसीय उत्सव में भारतीय संगीत के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पंडित भोलानाथ प्रसन्ना को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले कलाकारों में पद्मविभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, पद्मभूषण डॉक्टर एन राजन, पद्मश्री शोभा मुदगल, पंडित राजन-साजन मिश्र के पुत्र रितेश और रजनीश मिश्र और कई अन्य जाने-माने संगीतज्ञ शामिल हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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