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वाराणसी कमिश्नर का निर्देश, शहर में लगा जाम तो नपेंगे थाना व चौकी प्रभारी

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वाराणसी: पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एक्शन मोड़ में है. कैंप कार्यालय में गुरुवार कैंप कार्यालय में काशी और वरुणा जोन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की. पुलिस कमिश्नर ने काशी और वरुणा जोन के अधिकारियों के साथ यातायात व्यवस्था और अवैध अतिक्रमण की समीक्षा की. इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर कहा की सुगम यातायात व्यवस्था पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जाम लगने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी या चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

पुलिस कमिश्नर ने कहा की अतिक्रमण हटाने के बाद, उन स्थलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें चेतावनी बोर्ड और बैरिकेट्स लगाए जाएंगे ताकि अतिक्रमण की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और अस्पतालों के पास वाहन खड़े करने पर रोक लगाई जाएगी और इन प्रतिष्ठानों द्वारा अपने पार्किंग स्थल का प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भ्रमण और निरीक्षण के दौरान वन-वे, यू-टर्न, और कट को बंद करने जैसी विशेष योजनाएं बनाएं और उन्हें प्रभावी रूप से लागू करें। बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं के निपटारे और वांछित अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। वहीं बैठक में यातायात उपायुक्त हृदेश कुमार, काशी जोन पुलिस उपायुक्त गौरव बंशवाल, वरुणा जोन पुलिस उपायुक्त चंद्रकांत मीना, और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।