सोनभद्र: दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के हीराचक गांव में कनहर नदी किनारे स्थित टसर रेशम फॉर्म की भूमि पर बन रहे यात्री सेड का निर्माण विवादों में घिर गया है। जहां एक ओर कुछ ग्रामीण इसे श्मशान घाट पर सुविधाओं की दृष्टि से उपयोगी बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोगों का आरोप है कि यह निर्माण कार्य सरकारी धन के दुरुपयोग की एक मिसाल है।
विवाद का केंद्र टसर रेशम फॉर्म की भूमि है, जिस पर यात्रियों के लिए एक शेड का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान कई गांवों के श्मशान घाट के रूप में प्रयुक्त होता है, लेकिन बारिश और धूप से बचाव के लिए वहां कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में यात्री सेड से अंतिम संस्कार में आए लोगों को सहूलियत मिलेगी।
वहीं, कुछ लोगों का आरोप है कि यह निर्माण बस्ती और मुख्य सड़क से काफी दूर है, जिससे इसका सही उपयोग नहीं हो सकेगा। उनका कहना है कि जिला पंचायत सदस्य और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन की बंदरबांट के इरादे से यह निर्माण कराया जा रहा है, जो केवल दिखावे और बजट खर्च करने की प्रक्रिया मात्र है।
वन विभाग और रेशम विभाग भी सतर्क
इस मुद्दे पर विंढमगंज रेंज के रेंजर इमरान खान ने कहा कि मामले की जांच के लिए वनकर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा। यदि यह निर्माण वन भूमि पर पाया गया, तो कार्य को तत्काल बंद कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना एनओसी के किसी भी प्रकार का निर्माण वन भूमि पर नहीं किया जा सकता।
वहीं, राजकीय टसर रेशम विभाग के सहायक विकास अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस विवादास्पद निर्माण को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जब निर्माण स्थल की नाप-जोख की जा रही थी, तभी रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन कुछ लोग जबरन निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।









